कांग्रेस नेताओं की बदनामी करने वाली भाजपा कांग्रेस को संस्कृति और संस्कार न सिखाए, मोदी-शाह की भाषा देखिए, फिर बात कीजिए: हर्षवर्धन सपकाल।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक शब्द को लेकर भाजपा के नेता हंगामा मचा रहे हैं। भाजपा नेताओं और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कांग्रेस नेताओं के बारे में किस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, शायद उन्हें इसकी याद नहीं है। विपक्षी नेताओं का चरित्रहनन करने में मोदी-शाह से लेकर गली-मोहल्लों के नेता तक पीछे नहीं रहते। दूसरों का चरित्रहनन करने वालों को कांग्रेस को संस्कृति और संस्कार का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है। यह करारा जवाब महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दिया है।

इस संबंध में बोलते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सार्वजनिक सभा में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के लिए ‘कांग्रेस की विधवा’ जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। राहुल गांधी के बारे में भी उन्होंने बेहद निचले स्तर की भाषा का प्रयोग किया। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी को राज्यसभा में ‘शूर्पणखा’ कहा गया। ‘पचास करोड़ की गर्लफ्रेंड’ और ममता बनर्जी के लिए ‘दीदी ओ दीदी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल भी प्रधानमंत्री मोदी ने किया। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने संसद में दिवंगत प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी का चरित्रहनन किया।

मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा उत्तराखंड में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करने के बाद उस स्थान का कथित तौर पर शुद्धीकरण किया गया था। उस समय भाजपा ने चुप्पी साध रखी थी। दूसरों की संस्कृति पर सवाल उठाने से पहले भाजपा को अपनी संस्कृति देखनी चाहिए। जिस पार्टी का सर्वोच्च नेता ही सार्वजनिक रूप से बेहद निचले स्तर की भाषा का इस्तेमाल करता हो और महिलाओं के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करता हो, उसे कांग्रेस को उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है।खरगे के एक शब्द पर भाजपा की पूरी इकोसिस्टम सक्रिय हो गई है। भाजपा का यह रवैया ‘अपना वह प्यारा, दूसरे का वह बुरा’ वाली कहावत को चरितार्थ करता है।

भारतीय जनता पार्टी की सरकार पिछले 13 वर्षों से सत्ता में है और यह सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। जनता को बताने के लिए भाजपा के पास कुछ भी नहीं है, इसलिए वह इस तरह के मुद्दे खड़े करने की कोशिश कर रही है। मोदी सरकार के मंत्रियों के नाम बेहद गंभीर और अश्लील एपस्टीन फाइलों में सामने आए हैं, जिसके कारण उन्हें जनता के सामने जवाब देने में कठिनाई हो रही है।राहुल गांधी ने मोदी-शाह और भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भाजपा के पैरों तले जमीन खिसक गई है, इसलिए वह किसी भी मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर रही है। लेकिन जनता समझदार है और वह भाजपा की इस राजनीति को अच्छी तरह समझती है, ऐसा भी हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।

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