मुंबई वार्ता संवाददाता

इंडियन ओवरसीज बैंक समेत 17 बैंकों को लगा था 2,296 करोड़ रुपये का चूना; अब तक 546 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त, जे.के. शाह समूह की भूमिका भी जांच के घेरे मेंमुंबई: देश के बड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों में शामिल पारेख एल्युमिनेक्स लिमिटेड (PAL) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है।


ईडी के मुंबई जोन-I ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत कंपनी की 53.95 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। इस बैंक घोटाले में इंडियन ओवरसीज बैंक के नेतृत्व वाले 17 बैंकों के समूह को 2,296 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था।
ईडी की ओर से सोमवार को जारी जानकारी के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 546 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। इससे पहले जांच एजेंसी ने 493 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की थीं। ताजा कार्रवाई के बाद कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य बढ़कर 546 करोड़ रुपये हो गया है।फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल किए गए बैंक ऋणईडी की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), मुंबई तथा अन्य संबंधित जांच इकाइयों द्वारा पारेख एल्युमिनेक्स लिमिटेड और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(डी) और 13(2) के तहत अपराध दर्ज किए गए थे।
जांच में सामने आया कि पारेख एल्युमिनेक्स लिमिटेड ने बैंकों से ऋण हासिल करने के लिए स्टॉक और देनदारों से संबंधित बढ़ा-चढ़ाकर तैयार किए गए विवरण प्रस्तुत किए थे। इन कथित फर्जी विवरणों के आधार पर कंपनी ने बैंकों के समूह से भारी मात्रा में कर्ज हासिल किया। बाद में कंपनी के ऋण खाते गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घोषित कर दिए गए। इन खातों में बकाया राशि 2,296 करोड़ रुपये बताई गई है।
■ जे.के. शाह समूह पर 110.54 करोड़ रुपये के धन के हेरफेर में मदद का आरोप
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि जे.के. शाह समूह ने विभिन्न कंपनियों और व्यक्तियों के माध्यम से अपराध से अर्जित 110.54 करोड़ रुपये की रकम को दूसरी जगह स्थानांतरित करने में मदद की थी।जांच एजेंसी के मुताबिक, अपराध से अर्जित कुल 2,296.58 करोड़ रुपये की राशि में से एक लाभार्थी ने 70.25 करोड़ रुपये प्राप्त किए और उसका लाभ उठाया।ईडी ने इस मामले में मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) भी दाखिल कर दी है। विशेष अदालत ने इस शिकायत पर संज्ञान ले लिया है।
ईडी के अनुसार, इस कथित साजिश के कारण इंडियन ओवरसीज बैंक के नेतृत्व वाले 17 बैंकों के समूह को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। जांच एजेंसी तलाशी अभियान के दौरान बरामद किए गए दस्तावेजों और अन्य आपत्तिजनक साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि इस बैंक घोटाले में शामिल अन्य लोगों और संस्थाओं की भूमिका का पता लगाया जा सके।


