■ अवैध रेत परिवहन का विरोध करने पर किसान शरद पाटील की हत्या का आरोप; रोहिणी खडसे बोलीं- पहले किसानों की जमीन हड़प रहे थे बाहरी लोग, अब किसानों की जान ले रहे हैं।
मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र के जळगाव जिले में अवैध रेत कारोबार के विरोध पर एक किसान को डंपर से कुचलकर हत्या किए जाने की घटना सामने आई है। अमळनेर तालुका के नांद्री गांव में हुई इस घटना को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की महिला प्रदेश अध्यक्ष रोहिणी खडसे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।


रोहिणी खडसे ने कहा, ”पहले परप्रांतीय लोग हमारे किसानों की जमीन हड़प रहे थे और अब हमारे किसानों की जान ले रहे हैं। आखिर मेरा जळगाव जिला कहां ले जाकर रख दिया है?”जानकारी के अनुसार, किसान शरद पाटील ने गांव में अवैध रेत परिवहन का विरोध किया था। आरोप है कि इस विरोध के कारण रेत माफिया ने उन्हें धमकी दी थी। किसान ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन रोहिणी खडसे का आरोप है कि प्रशासन ने शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके बाद कथित तौर पर रेत माफिया ने डंपर से कुचलकर किसान की जान ले ली।
इस घटना पर नाराजगी जताते हुए रोहिणी खडसे ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से जळगाव जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। भोकर तालुका में डकैती की घटना हुई, फूलगांव में एक युवक पर गोलीबारी की गई और अब अमळनेर तालुका के नांद्री गांव में रेत माफिया ने एक किसान को डंपर से कुचल दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जिले में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए हैं?
उन्होंने आरोप लगाया कि घटना में इस्तेमाल किया गया डंपर हरियाणा का है। आरटीओ विभाग की नाक के नीचे से ऐसे डंपर जिले में प्रवेश करते हैं और खुलेआम रेत का अवैध परिवहन करते हैं। कुछ डंपरों पर तो नंबर प्लेट तक नहीं होती, इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती।रेत माफिया पर कार्रवाई क्यों नहीं?
■ सरकार का संरक्षण होने का आरोप
रोहिणी खडसे ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर रेत माफिया के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं करता? क्या ये लोग सरकार के दामाद हैं, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं होती?उन्होंने कहा कि जळगाव जिले में सभी विधायक और सांसद महायुति के हैं। जिले को चार-चार मंत्री मिले हैं, इसके बावजूद अवैध रेत कारोबार और माफिया की गतिविधियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
■ जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी उन्होंने सवाल उठाए
रोहिणी खडसे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में रेत माफिया की बढ़ती गतिविधियों को सरकार का समर्थन और संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने किसान की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई तथा अवैध रेत परिवहन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।हालांकि, डंपर से कुचलकर हत्या और प्रशासन की कथित निष्क्रियता को लेकर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और पुलिस जांच का विवरण सामने आना बाकी है।


