इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों को कस्टम्स और जीएसटी संबंधी मार्गदर्शन देगा ट्रेड ब्रिज एडवाइज़र्स, AIEA वेस्ट ज़ोन के साथ हुआ समझौता।

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■ सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारियों की टीम आयातकों और निर्यातकों को टैरिफ में बदलाव, मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) और नई व्यापार योजनाओं की देगी जानकारी।

मुंबई वार्ता संवाददाता

ऑल इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (AIEA) के वेस्ट ज़ोन ने मुंबई स्थित ट्रेड ब्रिज एडवाइज़र्स एलएलपी (TBA) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत ट्रेड ब्रिज एडवाइज़र्स को सीमा शुल्क (कस्टम्स), वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), विदेश व्यापार नीति और अन्य नियामकीय मामलों में एसोसिएशन का नॉलेज एवं एडवाइज़री पार्टनर नियुक्त किया गया है।

इस साझेदारी का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार से जुड़े आयातकों, निर्यातकों और अन्य व्यापारियों को बदलते सरकारी नियमों और व्यापार नीतियों के बारे में समय पर सही जानकारी एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।मुंबई में हुए इस समझौते पर AIEA वेस्ट ज़ोन की ओर से राष्ट्रीय महासचिव मितेश मोदी और अध्यक्ष मनोज अडवानी ने हस्ताक्षर किए। वहीं, ट्रेड ब्रिज एडवाइज़र्स की ओर से इसके संस्थापक साझेदार एवं सेवानिवृत्त भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी आर. के. जैन तथा एसोसिएट पार्टनर एवं सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारी राजीव मागू ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

वर्ष 1936 में स्थापित ऑल इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापार और उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे पुराने संगठनों में से एक है। इसका वेस्ट ज़ोन, जिसका मुख्यालय मुंबई में है, इलेक्ट्रॉनिक सामान और पुर्जों के निर्माताओं, आयातकों, निर्यातकों, वितरकों तथा डीलरों को एक साझा मंच प्रदान करता है। एसोसिएशन लंबे समय से इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापार से जुड़े मुद्दों को सरकार के समक्ष उठाता रहा है।वहीं, ट्रेड ब्रिज एडवाइज़र्स एक नियामकीय एवं व्यापार सलाहकार कंपनी है, जिसका नेतृत्व भारतीय राजस्व सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी कर रहे हैं।

इन अधिकारियों को सीमा शुल्क, जीएसटी और वाणिज्य मंत्रालय में तीन दशकों से अधिक समय तक काम करने का अनुभव है। यह कंपनी सीमा शुल्क, जीएसटी, विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT), विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ), निर्यातोन्मुखी इकाइयों (EOU), फ्री ट्रेड वेयरहाउसिंग ज़ोन (FTWZ), विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) और गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) जैसे विषयों पर कारोबारियों को सलाह देती है। इसके अलावा, यह सरकारी विभागों और अपीलीय मंचों के समक्ष कारोबारियों का प्रतिनिधित्व भी करती है।यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है, जब भारत में व्यापार और उद्योग से जुड़े नियमों तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं।

केंद्र सरकार व्यापार सुगमता बढ़ाने के साथ घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का दायरा भी बढ़ रहा है, जिससे भारतीय कारोबारियों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के अवसर खुल रहे हैं।हालांकि, इन समझौतों के तहत मिलने वाली टैरिफ छूट और वस्तुओं के मूल देश से संबंधित नियमों (Rules of Origin) को समझना भी कारोबारियों के लिए जरूरी है। इसके साथ ही, भारत में सीमा शुल्क दरों और सरकारी अधिसूचनाओं में लगातार बदलाव हो रहे हैं।

अमेरिका सहित अन्य देशों की बदलती टैरिफ नीतियों का भी आयात-निर्यात कारोबार पर असर पड़ रहा है। इन बदलावों के कारण व्यापार की लागत, कच्चे माल एवं तैयार उत्पादों की खरीद और आपूर्ति के स्रोत तय करने की रणनीति प्रभावित होती है। ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक्स आयातकों और निर्यातकों के लिए समय पर सटीक जानकारी तथा विशेषज्ञ सलाह की आवश्यकता बढ़ गई है।समझौते के तहत कारोबारियों को मिलेंगी कई सुविधाएंएमओयू के तहत ट्रेड ब्रिज एडवाइज़र्स, AIEA वेस्ट ज़ोन के सदस्यों को प्रभावित करने वाली सामान्य समस्याओं की पहचान करेगा और उनके समाधान के लिए एसोसिएशन को सहयोग देगा।

इन समस्याओं को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC), जीएसटी विभाग, विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) और संबंधित मंत्रालयों के समक्ष उठाने तथा आवश्यक नीतिगत सुझाव तैयार करने में भी कंपनी की भूमिका रहेगी।इसके अलावा, सीमा शुल्क वर्गीकरण (Classification), वस्तुओं के मूल्यांकन (Valuation), कर छूट और विभिन्न प्रक्रियाओं से जुड़ी कठिनाइयों पर संबंधित विभागों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने में भी सहायता की जाएगी।

सदस्यों के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP) और आवश्यक सलाह-पत्र तैयार किए जाएंगे। सरकारी अधिकारियों के साथ होने वाली बैठकों में भी ट्रेड ब्रिज एडवाइज़र्स एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व करेगा।समझौते के अंतर्गत कंपनी प्रत्येक तिमाही में सेमिनार और संवादात्मक सत्र आयोजित करेगी। एसोसिएशन के समाचार-पत्रों और परिपत्रों में भी विशेषज्ञ जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, नए सरकारी नोटिफिकेशन, सर्कुलर, व्यापार योजनाओं और मुक्त व्यापार समझौतों से संबंधित बदलावों की जानकारी सदस्यों को तत्काल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

समझौते में सदस्यों की व्यावसायिक जानकारी और कारोबारी आंकड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गोपनीयता संबंधी कड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।इस अवसर पर AIEA वेस्ट ज़ोन के राष्ट्रीय महासचिव मितेश मोदी ने कहा कि एसोसिएशन के सदस्यों को प्रतिदिन बदलते टैरिफ, नई सरकारी योजनाओं और अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों के अनुभव वाली टीम के नॉलेज पार्टनर के रूप में जुड़ने से सदस्यों को सही समय पर विश्वसनीय मार्गदर्शन मिल सकेगा। साथ ही, सरकार के समक्ष एसोसिएशन की आवाज भी अधिक प्रभावी होगी।

ट्रेड ब्रिज एडवाइज़र्स के संस्थापक साझेदार आर. के. जैन ने कहा कि व्यापार सुगमता की व्यवस्था तभी प्रभावी हो सकती है, जब सही और उपयोगी जानकारी समय पर कारोबारियों तक पहुंचे। इस साझेदारी का उद्देश्य सरकारी नीतियों और वास्तविक कारोबारी जरूरतों के बीच की दूरी को कम करना है, ताकि इलेक्ट्रॉनिक्स आयातक और निर्यातक पूरे विश्वास के साथ नियमों का पालन कर सकें और सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे लाभों का अधिकतम उपयोग कर सकें।

इस समझौते के माध्यम से AIEA वेस्ट ज़ोन ने अपने सदस्यों को कस्टम्स, जीएसटी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों में होने वाले बदलावों के प्रति जागरूक बनाने तथा उनके कारोबारी हितों की रक्षा के लिए विशेषज्ञ सलाह एवं संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने की पहल की है।

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