मुंबई वार्ता संवाददाता

उत्तर भारतीय संघ की 75वीं वार्षिक साधारण सभा में अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह ने महाअन्नदान कार्यक्रम शुरू करने और महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावितों की मदद की घोषणा की। सभा में उत्तर भारतीय समाज की एकजुटता और महाराष्ट्र-उत्तर प्रदेश के रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने पर जोर दिया गया। हालाकि इसी उत्तर भारतीय भवन में कैंसर मरीजों के लिए बने आश्रयगार में अब तक कितने मरीजों और उनके रिश्तेदारों के लिए जगह उपलब्ध की गई , इस पर कोई बयान नहीं दिया गया।


रविवार को वार्षिक साधारण सभा का आयोजन उत्तर भारतीय संघ भवन बांद्रा (पूर्व) के बाबू सत्यनारायण सिंह सभागृह में किया गया। वार्षिक साधारण सभा की अध्यक्षता करते हुए संतोष आरएन सिंह ने कहा कि भारी बारिश के बावजूद यहां बड़ी संख्या में संघ के सदस्य एकत्रित हुए हैं। 2 से 2 हजार, 2 हजार से 20 हजार, 20 हजार से 2 लाख लोग एकत्रित हुए तो समाज में यह संदेश जाएगा कि पूरा उत्तर भारतीय समाज एकजुट है। उन्होंने उपस्थित सदस्यों से अपना उत्तर भारतीय संघ का सदस्यता कार्ड प्रदर्शित करने को कहा, ताकि उन लोगों के मुंह बंद हो जाए जो कहते हैं कि कार्यक्रम में बाहर के लोग शामिल होते हैं।
ज्ञात हो कि मुंबई में करीब 60 लाख उत्तर भारतीय रहते हैं। तस्वीर देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उत्तर भारतीय संघ के कार्यक्रम में कितने लोग आए थे। मजे की बात है कि तस्वीर में दिख रहे आधे लोगो ने कोई हाथ नहीं उठाया और ना ही कार्ड दिखाया।
इसी भवन में स्थित कैंसर मरीजों की व्यवस्था के बारे में मुंबई के एक अग्रणी अखबार ने सच्चाई प्रकाशित की थी। बाद में मालूम हुआ कि उसी अखबार का एक राजनीतिक पत्रकार उत्तर भारतीय संघ का पदाधिकारी बन बैठा । मजे की बात यह है कि तब से उक्त अखबार को संघ के कामकाज में कोई कमी नहीं आ रही है। आज तक उत्तर भारतीय संघ परिसर किराए के रूप में लाखों रुपये लेकर उत्तर भारतीयों की बेटियों की शादी में मुनाफा कमाने वाले जब कम कीमत पर परिसर उपलब्ध कराने की बात कर रहे हों, तो उस बात पर कितना यकीन करना है, यह उत्तर भारतीय समाज अच्छे से जनता है।




संतोष सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र के लोगों ने हमेशा उत्तर भारतीयों का साथ दिया है। इसी महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष बाबू आरएन सिंह को विधान परिषद भेजा गया। सोशल मीडिया के तथाकथित दो-चार क्रांतिकारी समाज में वैमनस्य पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, हमें उनके बहकावे में नहीं आना चाहिए। महाराष्ट्र के लोग बहुत अच्छे हैं।
ज्ञात हो कि महाराष्ट्र के लोग समेत पूरे देश के लोग बहुत अच्छे हैं। लेकिन जब कुछ असामाजिक तत्व कुछ दिन पहले तक मुंबई के उत्तर भारतीयों को भाषा वाद के अंतर्गत निशाना बना रहे थे, क्या किसी को याद है उत्तर भारतीयों का ठेका लेने वाली इस उत्तर भारतीय संघ संस्था का कोई पदाधिकारी उनके बचाव में सामने आया था ? बचाव तो एक तरफ है, इनका एक प्रतिनिधिमंडल तक मुख्यमंत्री या मुंबई पुलिस आयुक्त के पास निवेदन लेकर भी नहीं पहुंचा।
संतोष आरएन सिंह ने उत्तर भारतीय समाज से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर भड़काऊ और उत्तेजक मैसेज को शेयर ना करें।इस दौरान संतोष आरएन सिंह ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि उत्तर भारतीय संघ के ट्रस्टियों को संघ भवन का हाल मुफ्त में दिया जाएगा और मात्र 50 रुपए में उनके रिश्तेदार गेस्ट हाउस में रह सकेंगे। संघ के सभी सदस्यों को मात्र 1 रुपए में उत्तर प्रदेश में बना बाबू आरएन सिंह सभागृह भी जल्द उपलब्ध होगा। संघ की तरफ से पहली बार महाअन्नदान कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, साथ ही महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद की जाएगी।
पूरे उत्तर भारतीय समाज का प्रतिनिधित्व करने की बात करने वाले संतोष सिंह, संघ भवन और गेस्ट हाउस की सुविधा संघ सदस्यों तक सीमित कर दी अर्थात 2-4 हज़ार लोग जो उत्तर भारतीय संघ सदस्य हैं उन्हें सुविधा देकर पूरे उत्तर भारतीय समाज की ठेकेदारी, इसीलिए इस कार्यक्रम को “बोल बचन पिटारा ” की उपाधि देना सही साबित हो रहा है।
इस पूरे भाषण बाजी के दौरान संतोष सिंह ने सच्चाई का आईना दिखाने वालों को क्रांतिकारी कहा और उनकी संख्या 2-4 बताई। इतिहास गवाह है कि क्रांतिकारी 2-4 ही होते हैं, हाँ, चाटुकारों की संख्या अधिक हो सकती है। और 2-4 क्रांतिकारी ही पूरा सिस्टम बदलते हैं, चाटुकार नहीं।
कार्यक्रम को वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. राधेश्याम तिवारी, मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह, संघ के उपाध्यक्ष संजय सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अनुराग त्रिपाठी, युवा नेता अवनीश सिंह और पूर्व महामंत्री नंदलाल उपाध्यक्ष ने भी संबोधित किया। इसके पूर्व साधारण सभा की शुरुआत संघ के संस्थापक बांकेराम तिवारी और बाबू आरएन सिंह की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। महामंत्री देवेंद्र तिवारी ने संघ का वार्षिक वृत्तांत पढ़कर सुनाया, जबकि कोषाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने आय-व्यय का ब्यौरा पेश किया। अंत में बैजनाथ आर मिश्रा ने आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम में डॉ. किशोर सिंह, रामकुमार पाल, अशोक कुमार दुबे, ओम प्रकाश सिंह, चंद्रभान सिंह, श्रीनिवास तिवारी, अंतेश सिंह, सुरेंद्र गिरी, विनोद कुमार मिश्रा, राजेश सिंह, संजू सिंह, गीता सिंह, मुकेश सिंह, प्रहलाद पांडे, रामनयन शर्मा, शिवश्याम तिवारी, रेणू मल्लाह, आदित्य दुबे, विजय सिंह, राजकुमार सिंह, विकास सिंह, विशाल सिंह और आदित्य सिंह सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण और समाज के लोग उपस्थित थे।


