●सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल से 6 लाख ज्वैलर्स की आवाज उठाने का अनुरोध करेगा
●सरकार के राजस्व पर डाका डालने वालों पर तुरंत कार्यवाही करे सरकार : शंकर ठक्कर
मुंबई वार्ता संवाददाता
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया कि कैट से जुड़े देश के सराफा के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा और राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया ने प्लेटिनम एलॉय आयात के माध्यम से गोल्ड आयात शुल्क से बचने के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस कृत्य के कारण सरकार को भारी राजस्व हानि हुई है और बुलियन बाजार में असमानता पैदा हुई है।
उन्होंने माननीय वित्त मंत्री से अपील की है कि HS कोड 71101110, 71101120, और 71101900 के तहत पिछले 5 वर्षों में प्लेटिनम एलॉय आयात करने वाले सभी आयातकों का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए। यह सामने आया है कि कई आयातकों ने गोल्ड को प्लेटिनम एलॉय के रूप में गलत तरीके से घोषित कर दिया, जिससे वे गोल्ड पर लागू उच्च आयात शुल्क से बच सके और सरकार को भारी कर हानि हुई।
●AIJGF की प्रमुख मांगें:
● सभी संदिग्ध आयातकों का फॉरेंसिक ऑडिट किया जाए ताकि गलत घोषणाओं का पता चल सके।
● कर चोरी में शामिल कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सरकार का राजस्व वापस प्राप्त किया जाए।
●. सीमा शुल्क निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार के दुरुपयोग को रोका जा सके।
● महंगे आयातों के लिए अनिवार्य तीसरे पक्ष का सत्यापन* किया जाए जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
● AIJGF सांसदों एवं कैट के समर्थन से इस मुद्दे को और मजबूती से उठाएगा
AIJGF इस मामले को और अधिक प्रभावी ढंग से उठाने के लिए सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल से आग्रह करेगा कि वे 6 लाख ज्वैलर्स की आवाज़ बनें और इस विषय को सरकार के समक्ष रखें। “इस तरह की धोखाधड़ी से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ है और यह ज्वैलर्स और व्यापारियों के लिए अनुचित प्रतिस्पर्धा का कारण बन रहा है।
●तत्काल जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं-पंकज अरोड़ा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, AIJGF
राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया ने कहा, “AIJGF यह सुनिश्चित करेगा कि सांसद और कैट जैसे प्रमुख व्यापार संगठन इस मुद्दे को उठाएं* ताकि वास्तविक ज्वैलर्स और व्यापारियों के हितों की रक्षा की जा सके। सरकार को *खोया हुआ कर राजस्व वापस प्राप्त करना चाहिए और इस प्रकार की अनियमितताओं को समाप्त करना चाहिए।”
AIJGF प्रतिबद्ध है कि वह भारतीय आभूषण व्यापार की पारदर्शिता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रखेगा।
शंकर ठक्कर ने कहा सरकार के राजस्व पर डाका डालने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए और आयात होने वाली वस्तुओं पर सीमा शुल्क निगरानी तंत्र को सक्षम एवं आधुनिक तंत्रज्ञान से लैस करना चाहिए ताकि इस प्रकार की वारदातें आगे ना हो।


