■ AMC अविनाश ढाकणे पर जानकारी देने में देरी का आरोप; कोटेचा बोले- ‘रेट कार्ड’ समेत अनियमितताओं की जानकारी मेरे पास, जवाब मिलने पर सामने आएगा सच
मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में इंजीनियरों के तबादलों को लेकर एक बार फिर ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ का आरोप सामने आया है। भाजपा विधायक मिहिर कोटेचा ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल को पत्र लिखकर पूरे मामले की विस्तृत जांच की मांग की है। कोटेचा ने आरोप लगाया है कि BMC के अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्वी उपनगर) अविनाश ढाकणे ने उनके द्वारा मांगी गई महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने में देरी की है।


कोटेचा के मुताबिक, उन्होंने इंजीनियरों के तबादलों में कथित वित्तीय लेन-देन और अनियमितताओं की जानकारी हासिल करने के लिए BMC प्रशासन से सवाल पूछे थे। उनका कहना है कि जानकारी उपलब्ध होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इंजीनियरों के तबादलों में दोबारा ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ जैसी कोई व्यवस्था हुई थी या नहीं।


■ 2025 में 165 इंजीनियरों के तबादलों पर भी उठे थे सवाल
BMC में इंजीनियरों के तबादलों का विवाद नया नहीं है। वर्ष 2025 में तत्कालीन अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त ने 165 इंजीनियरों के तबादले करने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद भाजपा विधायक अमित साटम ने लिखित शिकायत कर इन तबादलों में कथित तौर पर ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ की व्यवस्था होने का आरोप लगाया था।
बाद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर इन तबादलों को रद्द कर दिया गया था।
■ 50 फीसदी इंजीनियरों को शामिल करने वाली नई सूची का दावा
विधायक मिहिर कोटेचा के अनुसार, उन्होंने 15 मई 2026 को BMC आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखकर एक नए तबादला प्रस्ताव की ओर ध्यान दिलाया था। उनका दावा है कि इस प्रस्ताव में पिछली बार के 165 इंजीनियरों के तबादला प्रस्ताव में शामिल करीब 50 प्रतिशत इंजीनियरों को फिर से शामिल किया गया था।
कोटेचा के मुताबिक, यह प्रस्ताव अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्वी उपनगर) अविनाश ढाकणे के मार्गदर्शन में तैयार किए जाने की जानकारी थी। उनके पत्र का संज्ञान लेते हुए महानगरपालिका आयुक्त ने प्रस्तावित तबादला सूची को रद्द कर दिया था।
■ ‘रेट कार्ड’ की जानकारी होने का विधायक का दावा
मिहिर कोटेचा ने दावा किया है कि करीब दो-तीन महीने पहले हुए इंजीनियरों के तबादलों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की जानकारी उन्हें मिली है। उन्होंने कहा कि इन कथित अनियमितताओं से जुड़ी जानकारी में एक ‘रेट कार्ड’ भी शामिल है।
कोटेचा के अनुसार, इस जानकारी की सत्यता जांचने के लिए उन्होंने 5 अगस्त 2026 को अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त अविनाश ढाकणे से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछते हुए संबंधित जानकारी मांगी थी। उनका कहना है कि पत्र भेजे जाने के करीब 26 दिन बाद भी उन्हें इसका जवाब नहीं मिला।
■ ‘जानकारी मिलने पर सामने आएंगी अनियमितताएं’
विधायक कोटेचा ने कहा कि उनके द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब और मांगी गई जानकारी उपलब्ध होने पर यह पता लगाया जा सकेगा कि इंजीनियरों के तबादलों में दोबारा ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ का खेल हुआ था या नहीं।
उन्होंने जानकारी देने में हो रही देरी को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इससे अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त अविनाश ढाकणे की भूमिका को लेकर उनका संदेह और बढ़ा है।
■ मुख्य सचिव से कार्रवाई की मांग
कोटेचा ने विधानसभा के मौजूदा सदस्य द्वारा आधिकारिक तौर पर मांगी गई जानकारी देने में देरी को गंभीर प्रशासनिक मामला बताया है। उन्होंने मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल से पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने और जानकारी देने में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
कोटेचा का कहना है कि मांगी गई जानकारी सार्वजनिक और उपलब्ध होने पर ही इंजीनियरों के तबादलों में कथित अनियमितताओं और ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


