साढ़े चार साल में की गई 3,585 मरीजों की सर्जरी
मुंबई (सं. भा.) टीबी बीमारी के उपचार के लिए समर्पित शिवडी टीबी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर अपने पेशे के प्रति कितने कर्तव्यनिष्ठ हैं, इसकी जानकारी एक आरटीआई से सामने आई है। यहां के डॉक्टर कोरोना काल में भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटे। वर्ष 2019 से लेकर 31 मई, 2024 के बीच (साढ़े चार साल) इस अस्पताल में 3,585 मरीजों की सर्जरी की गई। ऑपरेशन थिएटरों के नवीनीकरण कार्य के चलते बीते दो वर्ष में गंभीर मरीजों की सर्जरी नहीं हो रही थी। ऑपेरशन थिएटर का काम पूरा होने के बाद 2023 में 4 मरीजों के फेफड़ों की सर्जरी की गई। आरटीआई कार्यकर्ता चेतन कोठारी ने शिवडी टीबी अस्पताल में बीते कुछ वर्ष में हुई छोटी-बड़ी सर्जरी की जानकारी मांगी थी। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक अप्रैल, 2020 से शिवड़ी टीवी अस्पताल में फेफड़ों से संबंधित बड़ी सर्जरी नहीं हो रही थी।
एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि टीबी के 15 फीसदी मरीजों को सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है। अप्रैल 2020 में ऑपरेशन थिएटर को नवीनीकरण के लिए बंद करने से पहले अस्पताल में आठ बड़ी सर्जरी की गईं। प्रशासन ने बताया कि बीते साढ़े तीन साल में 6 कर्मचारी भी टीबी संक्रिमत हुए।

इसलिए करते हैं बड़ी सर्जरी
अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर के मुताबिक टीबी बैक्टीरिया से प्रभावित क्षेत्रों को हटाने के लिए सर्जरी की जाती है। खासकर प्रतिरोधी टीबी में इसकी बड़ी भूमिका है। लोबेक्टोमी सर्जरी के जरिए फेफड़े के एक या अधिक लोब हटाए जाते हैं। इसके अलावा फेफड़े को हटाना (न्यूमोनेक्टॉमी), रेशेदार ऊतक को हटाना (डीकोर्टिकेशन) भी प्रमुख सर्जरी में शामिल है।


