मुंबई वार्ता संवाददाता

IIT मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले को लेकर मुंबई कांग्रेस ने गुरुवार को आक्रामक रुख अपनाते हुए पवई स्थित IIT मुंबई के मुख्य प्रवेशद्वार के सामने विरोध प्रदर्शन किया। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि साहिल वाकोडे का कथित तौर पर जातिगत और मानसिक उत्पीड़न किया गया, जिसके कारण उसने आत्महत्या की। उन्होंने इसे केवल आत्महत्या का मामला न मानते हुए संस्थागत जिम्मेदारी की जांच की मांग की और संबंधित प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला की गिरफ्तारी की मांग उठाई।


प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ धक्कामुक्की की और आंदोलन को दबाने का प्रयास किया। इसके बाद वर्षा गायकवाड़, प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस, जिला अध्यक्ष केतन शाह, भावना जैन, अर्शद आजमी, राजपति यादव, अवनीश सिंह, सुभाष भालेराव, विक्रम सिंह, प्रदूम यादव समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस स्टेशन में ही धरना दिया और पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।


मीडिया से बातचीत में वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि साहिल वाकोडे को कथित अत्याचार और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा और उसकी मौत की गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि साहिल की मौत के लिए IIT मुंबई के प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला जिम्मेदार हैं, लेकिन उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के बजाय उनका बचाव किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए तथा उससे पहले संबंधित लोगों को गिरफ्तार किया जाए।
गायकवाड़ ने IIT जैसी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था में जाति और धर्म के कथित हस्तक्षेप को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षण संस्थानों में आरएसएस का कथित शिरकाव चिंताजनक है और कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को जाति एवं धर्म के प्रभाव से मुक्त रखा जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि IIT मुंबई में इससे पहले भी विद्यार्थियों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन संस्थान ने उनसे पर्याप्त सबक नहीं लिया। कांग्रेस साहिल वाकोडे को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी और जब तक उसे न्याय नहीं मिलता, तब तक चुप नहीं बैठेगी।
वर्षा गायकवाड़ ने आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन साहिल को न्याय दिलाने की मांग कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सरकार के इशारे पर काम कर रही है और चेतावनी दी कि साहिल वाकोडे को न्याय मिलने तक मुंबई कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी।


