मुंबई वार्ता संवाददाता
JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज एवं वॉटर कैनन के इस्तेमाल के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने मंगलवार को रांची में झारखंड विधानसभा घेराव किया। विधानसभा की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे अभाविप कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने फिर लाठीचार्ज किया। अभाविप का दावा है कि कार्रवाई में छात्राओं समेत कई विद्यार्थी और कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

अभाविप के अनुसार, पुलिस ने संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह और झारखंड प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। संगठन ने कहा कि सरकार और पुलिस द्वारा गिरफ्तारी एवं बलप्रयोग को लेकर बताए जा रहे आंकड़े जमीनी स्थिति से अलग हैं।


■ रांची पहुंचने से रोकने का आरोप
अभाविप ने आरोप लगाया कि विधानसभा घेराव को विफल करने के लिए झारखंड सरकार ने प्रदेशभर से रांची पहुंच रहे विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं को विभिन्न स्थानों पर रोकने का प्रयास किया। संगठन के मुताबिक, मंगलवार सुबह से ही रांची आने वाले वाहनों को चिन्हित कर उनमें सवार विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं को रोकने की कार्रवाई की गई।
अभाविप का कहना है कि पुराने विधानसभा परिसर के निकट निर्धारित एकत्रीकरण स्थल पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां शुरू कर दी गईं। गिरफ्तार कार्यकर्ताओं से भरी बसों को आगे ले जाने का प्रयास किए जाने पर कुछ विद्यार्थी और कार्यकर्ता बस के सामने लेटकर शांतिपूर्ण विरोध करने लगे। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें घसीटकर हटाया और लाठीचार्ज किया।
■ ‘लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों से विद्यार्थियों की आवाज नहीं दबेगी’
अभाविप ने कल विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल तथा मंगलवार को अपने कार्यकर्ताओं पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। संगठन ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले विद्यार्थियों पर बलप्रयोग करना सरकार के विद्यार्थी-विरोधी और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति असंवेदनशील रवैये को दर्शाता है।
अभाविप ने मांग की कि विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं पर हुए बलप्रयोग की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। संगठन ने कहा कि लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और गिरफ्तारियों के माध्यम से विद्यार्थियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
■ JPSC-JSSC परीक्षाएं रद्द कर निष्पक्ष जांच की मांग
अभाविप ने JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन के अनुसार, जिन परीक्षाओं पर गंभीर सवाल उठे हैं, उन्हें रद्द किया जाना चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
साथ ही परीक्षा व्यवस्था में तकनीकी, प्रशासनिक और संस्थागत स्तर पर आवश्यक सुधार किए जाने की मांग की गई है।
■ डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने सरकार पर लगाया दमन का आरोप
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के विरोध में संगठन ने शांतिपूर्ण विधानसभा घेराव किया था। उनके अनुसार, सरकार ने विद्यार्थियों की समस्याएं सुनने के बजाय अभाविप कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोककर गिरफ्तार किया और एकत्रीकरण स्थल पर पहुंचते ही गिरफ्तारियां शुरू कर दीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों पर फिर लाठीचार्ज किया, जिसमें छात्राएं भी शामिल थीं और कई विद्यार्थी गंभीर रूप से घायल हुए।
सोलंकी ने कहा कि प्रदेशभर से रांची आ रहे विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की आवाज को गिरफ्तारियों और लाठीचार्ज से दबाया नहीं जा सकता। अभाविप विद्यार्थियों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई होने तक लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी बोले—मांगें मानने के बजाय बलप्रयोग कर रही सरकार
अभाविप झारखंड के प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने कहा कि JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण विद्यार्थी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों को स्वीकार करने के बजाय आंदोलन को दबाने के लिए बलप्रयोग कर रही है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मांग है कि जिन परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, उन्हें रद्द कर निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। टूटी के मुताबिक, जब तक विद्यार्थियों की मांगों का न्यायपूर्ण समाधान नहीं होता, अभाविप अपना लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगी।
अभाविप ने स्पष्ट किया है कि वह JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े कथित पेपर लीक एवं अनियमितताओं के मुद्दे पर विद्यार्थियों के समर्थन में आंदोलन जारी रखेगी।


