- फर्जी नोटिस का मत दो जवाब
- स्थानीय पुलिस की लो मदद
मुंबई (सं. भा.) पुलिस आयुक्त (सीपी) विवेक फणससलकर ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल के माध्यम से अपील करते हुए मुंबईकरों को जालसाजों से सचेत रहने का सुझाव दिया है।
उन्होंने स्पष्ट तौर पर आम जनता से अपील किया है कि अगर उन्हें मुंबई पुलिस की तरफ से किसी तरह की गिरफ्तारी का नोटिस, संदेश, ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज मिल रहा है, तो उसका जवाब न दें और स्थानीय पुलिस से संपर्क करें। बता दें कि सीपी ने उदाहरण के तौर पर एक फर्जी नोटिस का स्क्रीनशॉट भी एक्स पर पोस्ट किया है। महाराष्ट्र में इन दिनों जालसाजों द्वारा बढ़ते अपराध से आम जनता के साथ-साथ मुंबई पुलिस भी परेशान होती दिख रही है। मुंबई पुलिस आयुक्त विवेक फणसलकर ने शनिवार को लोगों से आग्रह किया कि आयुक्त कार्यालय की ओर से प्राप्त किसी भी फर्जी गिरफ्तारी नोटिस पर विश्वास न करें और उसका जवाब न दें। लोगों को ऐसे धोखेबाजों के झांसे में नहीं आना चाहिए जो इस तरह का संदेश भेजते हैं।

अस्पष्ट रूप से अंग्रेजी में लिखे और ईमेल के जरिए भेजे गए तथाकथित नोटिस में प्राप्तकर्ता को पुलिस आयुक्त के दफ्तर में आने के लिए कहा गया है, जिसमें दावा किया गया है कि, पोर्नोग्राफी से जुड़े किसी मामले में व्यक्ति के आईपी (इंटरनेट प्रोटोकॉल) पते के खिलाफ अदालती आदेश है। इसमें सीबीआई का भी जिक्र किया गया है। दरअसल, राजधानी में हाल ही में ऑनलाइन धोखाधड़ी के कई मामले सामने में आए हैं, जिनमें धोखेबाज पुलिस या अन्य कानून प्रवर्तन और सरकारी एजेंसी के रूप में पेश आते हैं और पैसे ऐंठ लेते हैं।


