- म्हाडा ने 1,200 डेवलपर्स और सोसायटियों को भेजे नोटिस
मुंबई (सं. भा.) महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) ने रुकी हुई पुनर्विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए मुंबई में 1,200 नोटिस जारी किए हैं। यह कदम महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास अधिनियम 1976 में संशोधन के बाद उठाया गया है, जिसने म्हाडा को अपने प्लॉट पर पुनर्विकास की स्वतंत्र निगरानी का अधिकार प्रदान किया है।
म्हाडा के उपाध्यक्ष और सीईओ संजीव जायसवाल ने जानकारी दी कि 850 नोटिस धारा 79 (ए), 300 नोटिस धारा 79 (बी), और 70-80 नोटिस धारा 91 (ए) के तहत जारी की गई हैं। धारा 79 (ए) के तहत म्हाडा बिल्डिंग के मालिक को पुनर्विकास के लिए 6 महीने की समय सीमा देता है, जिसमें 51% निवासियों की सहमति अनिवार्य होती है। अगर मालिक इसमें विफल रहता है, तो धारा 79 (बी) के तहत किरायेदारों को पुनर्विकास का प्रस्ताव देने का अधिकार होता है।

धारा 91 (ए) उन परियोजनाओं के लिए है जो देरी से चल रही हैं या तीन साल में शुरू नहीं हुई हैं। दक्षिण मुंबई में 14,000 से अधिक इमारतों में से 13,000 से ज्यादा इमारतें अभी पुनर्विकास की प्रतीक्षा में हैं, जबकि राज्य सरकार ने 4,000 इमारतों के लिए एनओसी जारी की है। सरकार, निवासियों को क्लस्टर पुनर्विकास को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित कर रही है ताकि इन परियोजनाओं में तेजी लाई जा सके और समग्र आवास स्थिति में सुधार हो।


