- श्रेय लेने को ले कर कांग्रेस – बीजेपी के कार्यकर्ता आमने – सामने
- एक साल से चल रहे बीएमसी स्कूल का केंद्रीय मंत्री गोयल ने किया उद्घाटन
मुंबई (सं. भा.) : केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल उत्तर मुंबई लोकसभा क्षेत्र से जीतने के बाद से वह अपनी छवि विकास पुरुष की बनाने की जुगत में लगे हैं। विपक्ष द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि दूसरों के द्वारा क्षेत्र में कराए गए काम को अपना बता कर और संबन्धित सरकारी संस्थाओं पर दबाव डाल कर गोयल उसका उद्घाटन करने पहुंच जा रहे हैं। मालाड पश्चिम स्थित मीठ चौकी के मार्वे रोड और लिंक रोड के चौराहे पर होने वाली ट्रैफिक जाम की समस्या सालों – साल से बनी थी। वहां पर फ्लाइओवर ब्रिज बनाने के लिए स्थानीय नगरसेवक से लेकर इस क्षेत्र के कांग्रेस पार्टी के विधायक असलम शेख काफी समय से प्रयत्नशील थे। 2019 में जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाराष्ट्र में सरकार बनी तक कांग्रेस द्वारा विधायक असलम शेख को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। लगभग ढाई साल के कार्यकाल के दौरान शेख ने मीठ चौकी चौराहे पर टी आकर का ब्रिज बनाने को लेकर बीएमसी से प्रस्ताव पास कराने में अहम भूमिका निभाई। लगभग 2 साल में इस ब्रिज का एक भाग बन कर तैयार हुआ है। जो हिस्सा बन कर तैयार हुआ है उस पर मार्वे की तरफ से आने वाली छोटी गाड़ियां मालाड स्टेशन की तरफ जा सकेंगी। अभी लिंक रोड के तरफ का भाग पूरा नही बना है। बहरहाल रविवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल इस ब्रिज का उद्घाटन कर दिया। इस उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान ब्रिज बनाने को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में श्रेय लेने की होड़ दिखी। विधायक असलम शेख के समर्थन में वहां बड़ी संख्या कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता हाथों में झंडा बैनर लेकर पहुंचे थे। इन कार्यकर्ताओं ने बीजेपी और पीयूष गोयल के खिलाफ जमकर नारे लगाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जमा होने की खबर लगते ही बीजेपी के कार्यकर्ता भी उद्घाटन स्थल पर झंडा , बैनर लिए पीयूष गोयल के समर्थन में नारे लगाते हुए जमा हो गए। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं में कई बार झड़प होने की स्थिति पैदा हो गई। उग्र हुए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा। बहरहाल इस हंगामे की बीच मीठ चौकी पहुंचे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने लगभग 350 मीटर लंबे ब्रिज का उद्घाटन कर चलते बने। उस दौरान उन्होंने मीडिया से कहा कि यहां श्रेय लेने की बात नही है बल्कि मालाड और उत्तर मुंबई के विकास की बात है। जिस ब्रिज का काम वर्षों से धीमी गति से चल रहा था। लोकसभा चुनाव के बाद हमने मात्र 120 दिन में बीएमसी से ब्रिज का काम पूरा कराया है। आगे भी क्षेत्र में विकास का काम करते रहेंगे। मजेदार बात यह है कि विकास पुरूष पीयूष गोयल ब्रिज का उद्घाटन करने के बाद वहां से कुछ फर्लांग की दूरी पर बीएमसी द्वारा बनाए गए मालवणी टाउनशिप स्कूल पहुंचे थे। बीएमसी द्वारा मुंबई में बनाया गया यह सबसे बड़ा स्कूल है। यह स्कूल लगभग साल भर पहले बन कर तैयार हो आया है और यहां तब से विद्यार्थी पढ़ने भी आ रहे हैं। साल भर से जिस बीएमसी स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है, उस स्कूल का उद्घाटन पीयूष गोयल ने रविवार को किया। इस अवसर पर बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी, विधायक असलम शेख सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

इस जबरिया उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर विधायक असलम शेख काफी नाराज दिखे। उनका कहना है कि जब वे महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री थे, उस दौरान बीएमसी के माध्यम से मीठ चौकी चौराहे पर फ्लाइओवर ब्रिज बनाने के लिए काफी प्रयत्न किए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस ब्रिज को बनाने के लिए जब उनके द्वारा भूमिपूजन किया जा रहा था। तब, यही बीजेपी वाले उस समय विरोध कर रहे थे। अब जब ब्रिज बन गया तब श्रेय लेने के लिए , उद्घाटन करने बीजेपी वाले पहुंच गए। उन्होंने गुस्से में मीडिया के समक्ष यह भी कह दिया कि दूसरों के काम का श्रेय लेने वाले पीयूष गोयल अगर उनके सामने विधानसभा चुनाव लड़ते हैं तो उन्हें वे 30,000 वोटों से हराएंगे।


