■ एक को 10 साल तो दूसरी को 7 साल की कैद
मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के चाकला इलाके में नाबालिग लड़की से देह व्यापार कराने के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई है। इस मामले में आरोपी विनय फत्तेबहादुर पाठक को 10 वर्ष की सख्त कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है, जबकि आरोपी रेनू गणेश मिश्रा को 7 वर्ष की कैद और 1 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।


मामले की जानकारी के अनुसार, एमआईडीसी पुलिस को सूचना मिली थी कि चाकला स्थित कणकिया एसआरए परियोजना की एक इमारत में महिला अपने घर में नाबालिग लड़की को रखकर ग्राहकों से देह व्यापार करवा रही है। सूचना के आधार पर 30 मई 2023 को पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा और मामले का खुलासा किया।


जांच में सामने आया कि आरोपी महिला नाबालिग लड़की को ग्राहकों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर कर आर्थिक लाभ कमा रही थी, जबकि दूसरा आरोपी ग्राहक के रूप में वहां पहुंचा था। इस मामले में एमआईडीसी पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 370(3) सहित अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम और पॉक्सो कानून के तहत अपराध दर्ज किया गया था।


पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सबूत इकट्ठा कर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के बाद दिंडोशी स्थित सत्र न्यायालय की कोर्ट संख्या 13 ने 27 फरवरी 2026 को दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
इस कार्रवाई को सह पुलिस आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) सत्यनारायण चौधरी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त परम जीत सिंह दहिया, पुलिस उपायुक्त (जोन-10) दत्ता नलावाडे के मार्गदर्शन में एमआईडीसी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविन्द्र वाणी की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।


