मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के तीन सरकारी संचालित बालगृहों में तैनात लगभग 40 सुरक्षाकर्मी नवंबर 2025 से वेतन न मिलने के कारण ड्यूटी पर आना बंद कर चुके हैं। इससे इन संस्थानों में रह रहे किशोरों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है।


प्रभावित संस्थानों में डोंगरी स्थित उमरखाड़ी बालगृह, मानखुर्द का बालगृह और माहिम स्थित डेविड ससून इंडस्ट्रियल स्कूल शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये सभी सुरक्षाकर्मी ठेके के आधार पर नियुक्त थे और उन्हें निजी ठेकेदार ‘स्मार्ट सर्विसेज़’ के माध्यम से काम पर रखा गया था। प्रत्येक सुरक्षाकर्मी को करीब 13,000 रुपये मासिक वेतन मिलता है, लेकिन नवंबर 2025 से उन्हें कोई भुगतान नहीं हुआ।


इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार देर रात लंबित वेतन के लिए एक किश्त जारी की है। अधिकारियों ने बताया कि जारी की गई राशि से जून से सितंबर तक की बकाया तनख्वाह का भुगतान किया गया है, जबकि अक्टूबर से दिसंबर तक का वेतन अभी भी लंबित है।
सुरक्षाकर्मियों की अनुपस्थिति के चलते बालगृहों की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ गई है। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे संवेदनशील संस्थानों में सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बच्चों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। उन्होंने सरकार से तत्काल बकाया वेतन जारी कर सुरक्षाकर्मियों की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है।


