मुंबई वार्ता संवाददाता

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की मुंबई जोनल यूनिट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय और आदतन मादक पदार्थ तस्कर नवीन गुरुनाथ चिचकर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज (PIT-NDPS) एक्ट, 1988 के तहत निरुद्ध कर दिया है। केंद्र सरकार के राजस्व विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा 15 मई 2026 को जारी निरोध आदेश को 16 जून को लागू किया गया। इसके बाद चिचकर को पुणे की येरवडा सेंट्रल जेल से तमिलनाडु की पुजल सेंट्रल जेल, चेन्नई स्थानांतरित किया गया।


एनसीबी के अनुसार, नवीन चिचकर कोकीन, हाइड्रोपोनिक गांजा, कैनबिस गमीज और एलएसडी जैसे मादक पदार्थों की तस्करी में लंबे समय से शामिल रहा है। उसे एनसीबी और नवी मुंबई पुलिस सहित विभिन्न एजेंसियां चार बार गिरफ्तार कर चुकी हैं।
साल 2021 में एनसीबी मुंबई के एक मामले में नाम सामने आने के बाद वह भारत छोड़कर फरार हो गया था और थाईलैंड, मलेशिया, हांगकांग, यूएई तथा वानुअतु जैसे देशों में रहकर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सप्लायरों से संपर्क स्थापित कर भारत में मादक पदार्थों की आपूर्ति का नेटवर्क संचालित कर रहा था।
जनवरी 2025 में एनसीबी मुंबई द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई में 11.540 किलोग्राम कोकीन के साथ हाइड्रोपोनिक गांजा और कैनबिस गमीज बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि थाईलैंड से संचालित हो रहा चिचकर अमेरिका से कोकीन मंगाकर भारत में इसकी सप्लाई का मास्टरमाइंड था। उसका नाम जनवरी 2025 के एक अन्य कोकीन बरामदगी मामले और नवी मुंबई पुलिस की हाइड्रोपोनिक गांजा तस्करी जांच में भी सामने आया था।
एनसीबी के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा रेड नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद मई 2025 में मलेशिया से उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया और मुंबई में गिरफ्तार किया गया।
जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ वित्तीय जांच भी की, जिसके तहत ड्रग तस्करी से अर्जित मानी जा रही 10 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्तियां फ्रीज की गईं। इस कार्रवाई की पुष्टि SAFEMA के प्रावधानों के तहत की गई।
एनसीबी का कहना है कि चिचकर के दोबारा ड्रग तस्करी में शामिल होने की आशंका और समाज के लिए उत्पन्न खतरे को देखते हुए PIT-NDPS एक्ट के तहत यह निवारक कार्रवाई आवश्यक थी। एजेंसी ने कहा कि सरकार के “नशा मुक्त भारत @2047” के लक्ष्य को साकार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, वित्तीय जांच और कानूनी प्रावधानों का प्रभावी उपयोग जारी रहेगा।
एनसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि वे मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित किसी भी सूचना को मानस (नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन) टोल फ्री नंबर 1933 पर साझा करें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


