मुंबई वार्ता/ हरिशचंद्र पाठक

हिंदू धर्मावलंबियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले और स्वामी समर्थ पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले वरिष्ठ पत्रकार को कालनिर्णय के संपादक जयंत सालगांवकर ने मृदगंध पुरस्कार दिया। इस समारोह के चलते हिंदू समाज ने नाराजगी जताते हुए जयंत सालगांवकर का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
अखिल वीरशैव लिंगायत महासंघ ने यह निश्चय किया है कि संपादक जयंत सालगांवकर को माफी मांगनी चाहिए अन्यथा घरों की दीवार पर कालनिर्णय नहीं टांगा जाएगा ।
शनिवार को घाटकोपर स्टेशन पूर्व के सम्राट होटल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिल वीरशैव लिंगायत महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजय जंगम (स्वामी) ने चेतावनी देते हुए कहा कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से काल निर्णय के बहिष्कार का निर्णय लिया है।
बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेश महाराव पर हिंदू देवी-देवताओं की आलोचना करने लाखों स्वामी समर्थ के अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा है ,इस कारण हिंदू धर्मावलंबी नाराज चल रहे हैं ।
ऐसे में काल निर्णय के जयंत सालगांवकर ने ज्ञानेश महाराव को मृदगंध पुरस्कार दिया। साथ ही इस पुरस्कार समारोह में कैलेंडर की प्रतियां भी बांटी गईं। आप उन लोगों को पुरस्कार कैसे दे सकते हैं जिन्होंने हिंदू देवी-देवताओं की अभद्र शब्दों में आलोचना की और सालगांवकर को उन्हें पुरस्कार देना ही नहीं चाहिए था।
अखिल वीरशैव लिंगायत महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजय जंगम स्वामी ने संवाददाता सम्मेलन में चेतावनी दी कि सालगांवकर को हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए अन्यथा हम कैलेंडर की खरीद का बहिष्कार करेंगे। काल निर्णय के संपादक जयंत सालगांवकर ने डेमोक्रेट विट्ठल उमप फाउंडेशन की ओर से वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेश महाराव को वर्ष 2024 का पुरस्कार दिया। इसे लेकर हिंदुओं में आक्रोश व्याप्त है।


