श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई महानगरपालिका ने महाराष्ट्र अग्निप्रतिबंधक एवं जीवसुरक्षा उपाययोजना अधिनियम 2006 (संशोधन 2026) के तहत अग्निसुरक्षा मान्यता से जुड़े आवेदन प्रारूपों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि “प्रोविजनल फायर सेफ्टी अप्रूवल” यानी तात्पुरती अग्निसुरक्षा मान्यता केवल इमारत के आराखड़े को मंजूरी देने के दौरान दी जाने वाली सिफारिश है, इसे “फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट” नहीं माना जाएगा।


बीएमसी के अनुसार, कई मामलों में तात्पुरती अग्निसुरक्षा मान्यता को अंतिम अग्निसुरक्षा प्रमाणपत्र समझा जा रहा था। इसे स्पष्ट करने के लिए संबंधित आवेदन नमूनों और शर्तों में आवश्यक संशोधन किए गए हैं, ताकि इसकी कानूनी सीमा, उद्देश्य और स्वरूप स्पष्ट रूप से सामने आए।


नए बदलावों के तहत नए एवं संशोधित निर्माण (N.C.O.), अतिरिक्त अथवा बदलाव निर्माण (A.A.O.), मरम्मत कार्य (A.A.A. और N.C.A.), अंतिम अग्निसुरक्षा मान्यता तथा अस्थायी निर्माण (T.C.) से संबंधित सभी आवेदन प्रारूपों में संशोधन किया गया है।
डॉ. अश्विनी जोशी ने वास्तुविशारदों, लाइसेंसधारी सर्वेयरों और विकासकों से अपील की है कि वे नए नियमों और संशोधित आवेदन प्रारूपों की जानकारी लें। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि सभी संशोधित आवेदन प्रारूप जल्द ही पर उपलब्ध कराए जाएं।


