मुंबई वार्ता संवाददाता

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की संकल्पना पर स्थापित अटल बिहारी वाजपेयी कौशल विकास केंद्र में दिवाली के अवसर पर दिव्यांग बच्चों की मेहनत और हुनर देखने को मिला। इस केंद्र का निर्माण देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के दो मूल मंत्रों आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी वस्तु को ध्यान में रखकर किया गया है।


आधारिका फाउंडेशन के अध्यक्ष विनायक मोरे ने बताया कि इस प्रदर्शनी में कुल 16 स्टॉल लगाए गए थे।साबुन, इत्र, लालटेन, कंडील, लाइट, तोरण, पूजा सामग्री, आभूषण, कपड़े, नमकीन जैसी विभिन्न प्रकार की सामग्रियों का अत्यंत सुंदर और आकर्षक ढंग से निर्माण करके आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम उठाया गया है।


इस अवसर पर केंद्र परिसर में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन कर अनेक सामाजिक संदेश दिए गए।अटल बिहारी वाजपेयी कौशल विकास केंद्र के समन्वयक के रूप में कार्यरत दयाल कंगने ने कहा कि यह कौशल विकास केंद्र वोकल फ़ॉर लोकल है। हमें इस बात पर गर्व है कि आज हमने जितने भी स्टॉल लगाए हैं, उन सभी पर दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाए गए साहित्य और खाद्य सामग्री की बिक्री हो रही है। ये सभी स्टॉल इसी विकास केंद्र में तैयार हुए बच्चों के हैं।
सुबह उद्घाटन के अवसर पर भाजपा महासचिव बाबा सिंह और रश्मिन अप्पा बेलवलकर उपस्थित थे।रंगोली प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में राम दुमाने उपस्थित थे।श्री दयाल कांगने ने बताया कि रंगोली प्रतियोगिता के विजेताओं को भाजपा उत्तर मुंबई प्रचार प्रमुख नीला कनुभाई राठोड़ सोनी सोनी के हस्ते सम्मानित किया।


