मुंबई वार्ता संवाददाता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के व्यापक नियोजन, मुंबई पुलिस सहित विभिन्न सरकारी एवं अर्धसरकारी एजेंसियों के सहयोग तथा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों और नागरिकों की भागीदारी से मुंबई में अनंत चतुर्दशी का श्रीगणेश प्रतिमा विसर्जन समारोह शांतिपूर्ण और निर्विघ्न रूप से संपन्न हुआ। इस वर्ष गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में कुल 1 लाख 99 हजार 185 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इनमें अनंत चतुर्दशी के दिन 36 हजार 240 प्रतिमाएं विसर्जित हुईं।


मुंबई के समुद्र तटों, प्राकृतिक विसर्जन स्थलों और कृत्रिम तालाबों पर बीएमसी की ओर से व्यापक व्यवस्था की गई थी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नागरिकों ने कृत्रिम तालाबों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को प्राथमिकता दी। मुंबई में 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थल और 278 स्थानों पर 383 से अधिक कृत्रिम तालाब उपलब्ध कराए गए थे। उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार 6 फीट तक ऊंची गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था कृत्रिम तालाबों में की गई थी।


अनंत चतुर्दशी के दिन गिरगांव चौपाटी स्थित स्वराज्यभूमि में आयोजित विसर्जन समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले, सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, सांसद मिलिंद देवरा, विधायक अमित साटम, मुंबई की महापौर रितू तावड़े, उपमहापौर संजय घाडी सहित कई मंत्री, राजनीतिक नेता और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा, राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे, मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों और कई देशों के राजदूतों एवं वाणिज्यदूतों ने भी समारोह में भाग लिया।
बीएमसी के अनुसार, अनंत चतुर्दशी के दिन दोपहर 3 बजे तक 7,025 सार्वजनिक, 28,655 घरेलू तथा 560 हरतालिका/गौरी सहित कुल 36,240 प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। पूरे गणेशोत्सव में 10,421 सार्वजनिक, 1 लाख 82 हजार 29 घरेलू तथा 6,735 गौरी/हरतालिका प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
दिनवार आंकड़ों के अनुसार, डेढ़ दिन में 62,762, पांचवें दिन 37,069, छठे दिन 44,286, सातवें दिन 18,828 और 11वें दिन 36,240 प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ।
विसर्जन व्यवस्था के लिए बीएमसी के 25 हजार से अधिक अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए थे। विभिन्न विसर्जन स्थलों पर 1,194 स्टील प्लेट, 23 जर्मन तराफे, 34 क्रेन, 85 एंबुलेंस और 10 मोटरबोट उपलब्ध रखी गई थीं। सुरक्षा के लिए 1,132 लाइफगार्ड तैनात किए गए। रात के समय विसर्जन के लिए 6,052 फ्लड लाइट और सर्च लाइट की व्यवस्था की गई थी। भीड़ प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए 261 स्वागत कक्ष, 228 नियंत्रण कक्ष और 75 निरीक्षण टावर बनाए गए थे। श्रद्धालुओं के लिए 489 अस्थायी शौचालयों सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं।
गिरगांव चौपाटी स्थित स्वराज्यभूमि में विशेष व्यवस्था के तहत 12 कृत्रिम तालाब, 20 निरीक्षण टावर, 22 तराफे, 90 शौचालय और करीब 2 हजार कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। यहां एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन एंबुलेंस, 548 फ्लड लाइट और 11 सर्च लाइट भी उपलब्ध थीं। सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के 725 स्वयंसेवकों को प्राथमिक उपचार और सीपीआर सहित आपातकालीन प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया था।
पर्यावरण संरक्षण के लिए महापौर रितू तावड़े की पहल पर ‘एक गणपति, एक पेड़’ अभियान भी चलाया गया। विसर्जित होने वाली गणेश प्रतिमाओं की संख्या के बराबर पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है। मूर्तिकारों को पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाओं के निर्माण के लिए 940 मीट्रिक टन से अधिक शाडू मिट्टी नि:शुल्क वितरित की गई, जबकि 25,400 लीटर पर्यावरण-अनुकूल रंग भी नि:शुल्क उपलब्ध कराए गए।
गणेशोत्सव के दौरान निर्माल्य संग्रह के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई। विभिन्न विसर्जन स्थलों पर 613 निर्माल्य कलश और 838 निर्माल्य वाहनों की व्यवस्था की गई थी। 26 सितंबर को शाम 4 बजे तक कुल 934.26 मीट्रिक टन निर्माल्य एकत्र किया गया।
बीएमसी प्रशासन ने गणेशोत्सव मंडलों, गणेश भक्तों, नागरिकों, स्वयंसेवकों, मुंबई पुलिस तथा सहयोग करने वाली सभी सरकारी और अर्धसरकारी एजेंसियों के प्रति आभार व्यक्त किया। महापौर रितू तावड़े, उपमहापौर संजय घाडी और बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने कहा कि सभी के सहयोग से अनंत चतुर्दशी का विसर्जन समारोह सुचारू और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सका।


