मुंबई वार्ता संवाददाता

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने महाराष्ट्र में आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, सोमवार 28 सितंबर को राज्य के सभी जिलों में प्रदर्शन किए जाएंगे। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस ने 28 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का आह्वान किया है।


प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जनता में असंतोष है और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। कांग्रेस का दावा है कि एसआईआर के तहत देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिनमें महाराष्ट्र के 3 करोड़ से अधिक मतदाता शामिल हैं। ये आंकड़े कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से चुनाव आयोग के अंतिम सत्यापित आंकड़ों के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी एसआईआर के दौरान 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के प्रभावित होने का दावा किया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान मतदाताओं की संख्या में हुई वृद्धि और मौजूदा मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। पार्टी का कहना है कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर विषय है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर हाल में न्यायिक स्तर पर भी सवाल उठे हैं। मुंबई उच्च न्यायालय की कोल्हापुर खंडपीठ में दायर याचिका में एसआईआर से संबंधित 14 प्रशासनिक फैसलों को चुनौती दी गई है। याचिका में महाराष्ट्र में एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने, हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने और स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
इसके अलावा, एक अन्य याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों ने कुछ निर्णयों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर आपत्तियां दर्ज की थीं। इन आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग भी की गई है।
प्रदेश कांग्रेस ने कहा है कि सोमवार को होने वाले आंदोलन में संबंधित जिलों के कांग्रेस नेता, पदाधिकारी, विधायक, सांसद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की मांग की है।
गौरतलब है कि कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में पहले भी प्रदर्शन किए गए हैं। 25 सितंबर को कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था और पार्टी ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई थी।


