मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

जनसुरक्षा कानून को दोनों सदनों ने मंजूरी दी गई है। इस कानून के संबंध में एक बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी की गई। समिति की रिपोर्ट आई और चर्चा के बाद इसे पारित किया गया।जो ताकतें संविधान को नहीं मानतीं, उनके खिलाफ हम लड़ते रहेंगे।जो लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं, वे जानबूझकर या अनजाने में वामपंथी विचारों को बढ़ावा दे रहे हैं। विपक्ष को यह बिल ध्यान से पढ़ना चाहिए।मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए उक्त बाते कहीं।
उन्होंने कहा कि,” यह जनहित और लोकहित का कानून है।माओवादियों का टारगेट यही है कि वे लोकतांत्रिक संगठनों में घुसपैठ करें और अराजकता फैलाएं। यह सब देखकर ही कार्रवाई की जा रही है। अर्बन माओवाद पिछले कुछ वर्ष मे सोची समझी साजीश के अंतर्गत काम कर रहा है। उन्हे जब पता चला की जंगल का उनका कॅडर समाप्त हो रहा है तब अर्बन कॅडर तयार कर वो लोग शिक्षा संस्थान, विश्वविद्यालय और अन्य संस्था मे घुसकर संविधान का राज समाप्त कर अराजकता फैलाने का काम कर रहे है। यह उनकी सोची समझी साझिश है।”


मुख्यमंत्री ने कहा कि, “उन्होने अर्बन कॅडर तैयार किया है. बंदूक वाला कॅडर हमे दिखता है लेकिन ये कॅडर हमे दिखता नही है. अब महाराष्ट्र सरकार ने नया कानून लाया है जिसके अंतर्गत बडी कारवाई ऐसे लोगो पर की जाएगी।”


