शंकराचार्य के बताए रास्ते पर चल रहा है महाराष्ट्र : अविमुक्तेश्वरानंद।

Date:

● ‘महाराष्ट्र की तरह पूरे देश में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाए’

● बोरीवली, मुंबई में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का दिव्य-भव्य चातुर्मास्य महामहोत्सव जारी

● शंकराचार्य के दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का कारवां

कविता श्रीवास्तव /मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र की धरती और महाराष्ट्रवासियों के संस्कारों की प्रशंसा करते हुए जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि महाराष्ट्र में हिंदुत्व का तेज है और बहुत ही प्रखर है क्योंकि आज भी महाराष्ट्र शंकराचार्य के बताए हुए रास्ते पर चल रहा है। महाराष्ट्र नाम का उल्लेख आदि अनादि काल से हमारे ग्रंथों और धार्मिक पुस्तकों में मिलता है। आदि शंकराचार्य ने जब चारों शंकराचार्य पीठों के कार्यक्षेत्र निश्चित किए तब से ही पश्चिमानाम्य पीठ के कार्य क्षेत्र में महाराष्ट्र का उल्लेख है। अनेक प्राचीन ग्रंथो में महाराष्ट्र का विशेष उल्लेख है। संत ज्ञानदेव और नामदेव ने महाराष्ट्र नाम से राज्य का गुणगान किया है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रहस्योद्घाटन करते हुए बताया कि 1960 में जिस दिन महाराष्ट्र राज्य की स्थापना हुई थी वह दिन भी आदि शंकराचार्य के प्रादुर्भाव की तिथि थी। यह भी सुखद है कि शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी जब पूरे देश में गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए अभियान छेड़े हुए हैं, ऐसे में केवल महाराष्ट्र देश में अकेला राज्य है जहां देसी गाय को राजमाता का दर्जा प्राप्त है।

शंकराचार्य ने बताया कि उनकी मांग को महाराष्ट्र की पिछली सरकार ने स्वीकार किया था और गौमाता को माता कहने का साहस अब तक केवल इसी महाराष्ट्र ने दिखाया है। उन्होंने मांग की है कि अभिलंब पूरे भारत में गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए। इसके लिए वे देशभर में लोगों को जागरूक करते हुए विभिन्न धार्मिक-आध्यात्मिक अवसरों पर 33 करोड़ गौ-प्रतिष्ठा महायज्ञ का अनुष्ठान भी करवा रहे हैं। इसी सिलसिले में बोरीवली स्थित कोरा केंद्र में चल रहे उनके भव्य चातुर्मास्य महामहोत्सव के अवसर पर 108 कुंडीय गौ-प्रतिष्ठा महायज्ञ निरंतर जारी है। इसमें मुंबई के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर गौ-प्रतिष्ठा का संकल्प लेकर महायज्ञ में अपनी व परिजनों के नाम से पावन आहुति डलवाने का पुण्य लाभ उठा रहे हैं।

श्रद्धालुओं को अपने आशीर्वचन देते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि यहां महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज के शासनकाल से ही गौ-ब्राह्मण को सम्मान मिलता रहा है। महाराजश्री ने कहा कि जो भी शास्त्र का आश्रय लेकर आगे बढ़ेगा वह संस्कारों से कभी नहीं भटकेगा। महाराष्ट्र सदियों से संतों की भूमि रहा है इसीलिए वह भारत गणराज्य में रहकर भी महाराष्ट्र है। उल्लेखनीय है कि शंकराचार्य का दिव्य-भव्य चातुर्मास्य महामहोत्सव महाराष्ट्र की धरती पर आरंभ ही हुआ है कि ‘यूनेस्को’ ने महाराष्ट्र के 12 किलों को ‘वर्ल्ड हेरिटेज’ का दर्जा घोषित कर दिया है।

परमाराध्य परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर उत्तराम्नाय शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने इसे देवी-देवताओं और आदि शंकराचार्य की विशेष कृपा ही बताया।जगद्गुरु शंकराचार्य के चातुर्मास्य महामहोत्सव में अनेक साधु, संत, विद्वान एवं शंकराचार्य गुरुकुलम् के हजारों विद्यार्थी भी मुंबई पधारे हुए हैं।

महाराजश्री के पावन सानिध्य में प्रतिदिन रुद्राभिषेक, गौ-प्रतिष्ठा महायज्ञ, पादुका पूजन व आशीर्वचन निरंतर जारी है। मुंबईवासी आम श्रद्धालु भी इस आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ ले सकते हैं।

ज्योतिर्मठ के सीईओ चंद्रप्रकाश उपाध्याय, सीएफओ मदन उपाध्याय , श्रीविद्यामठ प्रभारी ब्रह्मचारी परमात्मानंद, मीडिया प्रभारी अशोक साहू, पाजूकपूजन प्रभारी दीपक तिवारी, शैलेश तिवारी, जगदीशानंद, मंच संचालक संजय मिश्रा आदि की देखरेख में चातुर्मास्य महामहोत्सव पूरे उत्साह से जारी है।

आयोजन में विधायक प्रकाश सुर्वे, एम.एल.सोनी, राजकुमार जाजू, अभिषेक जाजू, डा भरत शाह, जयकांत शुक्ला, संजय आव्हाड, शैलेश परसरामपुरिया व अनेक गणमान्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुंबईवासियों के बीच जगद्गुरू शंकराचार्य का अनुष्ठान होना और उनके साक्षात दर्शन व आशीर्वाद का लाभ मिलना अद्भुत सुअवसर है। यह जानकारी देते हुए शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि बोरीवली पश्चिम में कोरा केंद्र मैदान पर जगद्गुरू शंकराचार्य का चातुर्मास्य महामहोत्सव 7 सितम्बर तक लगातार जारी रहेगा। उनके पावन मुखारविंद से प्रतिदिन सायं 4.30 बजे समस्त आम श्रद्धालुओं को आशीर्वचन मिल रहा है। सभी लोग इस दिव्य-भव्य चातुर्मास्य महामहोत्सव में शामिल होकर परमाराध्य परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी की प्रत्यक्ष उपस्थिति व उनके सानिध्य में पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related

नवी मुंबई में दोस्त ने ही की थी दोस्त की हत्या, मामूली विवाद ने ली जान

मुंबई वार्ता संवाददाता नवी मुंबई महानगरपालिका (NMMC) मुख्यालय के...

नेस्को ड्रग ओवरडोज केस: 50 लाख से अधिक लेनदेन, फरार ‘मार्क’ पर शिकंजा कसने की तैयारी।

श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता मुंबई के चर्चित नेस्को ड्रग ओवरडोज...

एक्सीलेंट ट्यूटोरियल्स, कुशहा में मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित।

मुंबई वार्ता/शिव पूजन पांडेय घनश्यामपुर क्षेत्र के कुशहा स्थित...

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरके अग्रवाल ने किया विधि पुस्तकालय का लोकार्पण।

मुंबई वार्ता/शिव पूजन पांडेय वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल...