मुंबई वार्ता संवाददाता

राज्य में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के मद्देनजर लागू आदर्श आचार संहिता के बीच सत्ताधारी दल के एक वरिष्ठ मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज करने तथा उन्हें चुनाव प्रचार से प्रतिबंधित करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे को पत्र लिखकर औपचारिक शिकायत सौंपी है।


सपकाल के अनुसार, सांगली जिले में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में, नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि की पूर्व संध्या पर, मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कथित रूप से विपक्षी उम्मीदवारों से यह कहते हुए नामांकन वापस लेने का आह्वान किया कि जिला परिषद चुनाव में विपक्ष का टिकना संभव नहीं है।
कांग्रेस का आरोप है कि यह बयान न केवल आचार संहिता का उल्लंघन है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप भी है।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनावों का निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्भय वातावरण में होना अत्यंत आवश्यक है। आदर्श आचार संहिता इसी उद्देश्य से लागू की जाती है, ताकि सत्ता का दुरुपयोग रोका जा सके। लेकिन यदि सरकार के मंत्री ही खुलेआम विपक्षी उम्मीदवारों पर दबाव डालते हैं, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है।
उन्होंने यह भी चेताया कि इस तरह के बयानों से उम्मीदवारों में भय का माहौल बनता है और वे प्रचार या चुनावी प्रक्रिया से दूर होने को मजबूर हो सकते हैं। इसलिए निर्वाचन आयोग को तुरंत संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता बनी रहे और जनता का विश्वास लोकतंत्र में कायम रहे।


