मुंबई वार्ता संवाददाता

आदिवासी छात्रों के आंदोलन को लेकर महाराष्ट्र की भाजपा महायुति सरकार पर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने आदिवासी छात्रों को आजाद मैदान में आंदोलन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और राज्यपाल से मिलने की मांग भी स्वीकार नहीं की। इसके बाद मंगलवार दोपहर पुलिस ने दादर स्थित कांग्रेस के तिलक भवन कार्यालय से कुछ आदिवासी छात्रों को हिरासत में ले लिया।


कांग्रेस के अनुसार, आदिवासी छात्र पिछले 48 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों ने नासिक से मुंबई तक लॉन्ग मार्च निकाला और मुंबई पहुंचकर आजाद मैदान में आंदोलन करने की अनुमति मांगी। छात्रों का कहना है कि यदि उन्हें वहां आंदोलन करने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो उन्हें राज्यपाल से मुलाकात करने की अनुमति दी जाए, ताकि वे अपनी समस्याएं उनके सामने रख सकें।


छात्रों ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में आश्रमशालाओं के करीब 600 छात्रों की मौत हुई है। उन्होंने इन मौतों की निष्पक्ष जांच कराने, आदिवासी विकास मंत्री के इस्तीफे और आदिवासी आयुक्त के तबादले की मांग की है। इसके अलावा आश्रमशालाओं में छात्रों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और सेंट्रल किचन से मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता में सुधार की मांग भी की गई है।
कांग्रेस का आरोप है कि मुंबई पहुंचने से पहले ही पुलिस ने छात्रों को रोकने का प्रयास किया और कुछ छात्रों को हिरासत में लिया। छात्रों के ठहरने की व्यवस्था कांग्रेस ने अपने दादर स्थित तिलक भवन कार्यालय में की थी। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस ने आधी रात को कार्यालय में प्रवेश कर छात्रों को हिरासत में लेने का प्रयास किया और उन्हें धमकाया। इसके चलते तिलक भवन के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। कांग्रेस के मुताबिक, दो दिनों तक कार्यालय के बाहर 10-12 पुलिस वाहनों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने तिलक भवन में पुलिस के प्रवेश और छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसका विरोध किया। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार पुलिस के माध्यम से आदिवासी छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन करना नागरिकों का अधिकार है और छात्रों की मांगों को दबाने के बजाय सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह आदिवासी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके संघर्ष में आगे भी पूरा समर्थन देगी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी आदिवासी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा है कि इस लड़ाई में कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ है।


