मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के गोरेगांव स्थित आरे कॉलोनी के निवासियों और आदिवासी समाज के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे इलाके में अब बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आरे अस्पताल की इमारत और उससे जुड़ी सरकारी आवासीय परिसंपत्तियां 30 वर्षों के लिए बिना किसी शुल्क के बीएमसी को हस्तांतरित की जाएंगी। इस प्रस्ताव को सुधार समिति और महापालिका की मंजूरी मिलने के बाद अस्पताल का संचालन बीएमसी के हाथों में आ जाएगा।


गोरेगांव की आरे डेयरी कॉलोनी में स्थित आरे अस्पताल भवन का क्षेत्रफल 1,257.90 वर्गमीटर है, जबकि उससे जुड़े सरकारी आवासों का क्षेत्रफल 674.30 वर्गमीटर है। इस प्रकार कुल 1,932.20 वर्गमीटर क्षेत्र को “जैसी स्थिति है” उसी अवस्था में बीएमसी को सौंपा जाएगा। इस संबंध में आरे डेयरी और बीएमसी के बीच करार किया जाएगा, जिसके लिए प्रस्ताव सुधार समिति के समक्ष रखा गया है।
वर्तमान में आरे अस्पताल में केवल ओपीडी सेवाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल परिसर और आसपास की खुली जमीन सहित पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के उद्देश्य से बीएमसी को हस्तांतरित किया जाएगा। राज्य सरकार के निर्देशानुसार यह संपत्ति 30 वर्षों की अवधि के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि आरे कॉलोनी के लोगों को सांप काटने या किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में जोगेश्वरी ट्रॉमा अस्पताल या अन्य अस्पतालों तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। ऐसे में आरे अस्पताल को बीएमसी के अधीन लाकर यहां व्यापक चिकित्सा सुविधाएं शुरू किया जाना क्षेत्र के नागरिकों के लिए बड़ी राहत होगी।
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि इस मांग को लेकर पिछले कई वर्षों से प्रयास किए जा रहे थे और जोगेश्वरी के तत्कालीन विधायक तथा उत्तर-पश्चिम मुंबई के वर्तमान सांसद रवींद्र वायकर ने भी लगातार इसका अनुसरण किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल यहां केवल ओपीडी सेवा दी जा रही है, लेकिन भविष्य में ओपीडी के साथ-साथ भर्ती मरीजों के लिए आंतरिक (इन-पेशेंट) सुविधाएं भी शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, बीएमसी के अधीन अस्पताल का संचालन शुरू होना आरे कॉलोनी की वर्षों पुरानी मांग की बड़ी जीत साबित होगा और इससे हजारों लोगों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।


