राजन बलसाने /मुंबई वार्ता

सेवा सदन के आर. के. तलरेजा कॉलेज, उल्हासनगर ने माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स सोसायटी ऑफ इंडिया (MBSI) के सहयोग से 12 और 13 सितंबर 2025 को “एआई और इन सिलिको इनसाइट्स इन बायोलॉजी’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ई-कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन किया।


यह सम्मेलन वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें दुनिया भर के वैज्ञानिकों, शिक्षकों, उद्योग विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) आधुनिक विज्ञान की जीवनरेखा के रूप में तेजी से उभर रही है, जिससे वे खोजें जो पहले वर्षों में पूरी होती थीं अब कुछ ही क्षणों में संभव हो रही हैं।


जैविक विज्ञान में इसके क्रांतिकारी महत्व को देखते हुए, इस सम्मेलन की परिकल्पना की गई-कॉलेज प्रबंधन के दूरदर्शी दृष्टिकोण, प्राचार्य के प्रोत्साहन, MBSI की अकादमिक ताकत और आयोजन टीम के अथक प्रयासों के साथ।कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ।
इसके बाद डी.वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड बायोइंफॉरमैटिक्स की निदेशक एवं प्राध्यापक डॉ. देबजानी दासगुप्ता ने उद्घाटन भाषण दिया। उन्होंने बताया कि कैसे एआई और मशीन लर्निंग औषधीय अनुसंधान, पूर्वानुमान आधारित निदान (Predictive Diagnostics) और आणविक डॉकिंग अध्ययन को बदल रहे हैं और जीवविज्ञान को एक सशक्त इन-सिलिको युग में प्रवेश करा रहे हैं।
प्रसिद्ध वक्ताओं ने अपनी विशेषज्ञता से सम्मेलन को समृद्ध किया। डॉ. सरिता महाजनि (यूसी बर्कले-एक्सटेंशन, अमेरिका) ने अपने प्लेनरी टॉक में बताया कि कैसे ज़ीरो-कोड एआई टूल्स गैर-प्रोग्रामरों को भी जीवविज्ञान में उन्नत तकनीक का उपयोग करने में सक्षम बनाते हैं। वहीं डॉ. अनिल फोकमारे (टेक्निकल डायरेक्टर, ओमनिकल्स फार्मास्युटिकल्स, पुर्तगाल) ने “इन-सिलिको स्पार्क्स इन फार्मास्यूटिकल रिसर्च” विषय पर कीनोट लेक्चर दिया और एआई आधारित पॉलिमर मॉडलिंग, ड्रग डिज़ाइनिंग और क्लिनिकल ट्रायल्स की प्रगति पर प्रकाश डाला।
दो दिनों में सम्मेलन में स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएच.डी. शोधार्थियों और प्राध्यापकों द्वारा 35 विचारोत्तेजक शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। शोध पत्रों में औषधि खोज, पर्यावरण निगरानी, जैव-चिकित्सीय निदान और बायोइंफॉरमैटिक्स जैसे विषय शामिल रहे। स्नातक छात्रों की उत्साही भागीदारी इस आयोजन की विशेष उपलब्धि रही, जिसने युवाओं की उभरती रुचि को रेखांकित किया।


