आषाढ़ी गुप्त नवरात्र : दूसरे दिन माता के मंदिरों में भीड़।

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● मुंबा देवी मंदिर में नवचंडी यज्ञ, महानवमी पर पूर्णाहुति

● महालक्ष्मी मंदिर में भी बढ़ी दैनिक श्रद्धालुओं की संख्या

● नौ दिवसीय नवरात्रोत्सव में होगी 10 महाविद्याओं की पूजा.

वरिष्ठ संवाददाता/ मुंबई वार्ता

आषाढ़ी गुप्त नवरात्रि के दूसरे दिन माता के सभी मंदिरों में श्रद्धालओं की भारी भीड़ उमड़ी। महानगर के दोनों प्रमुख माता के मंदिरों, मुंबा देवी एवं महालक्ष्मी मंदिर में दैनिक भक्तों की भीड़ ने आस्था के साथ दर्शन किए और माता के दर पर मत्था टेका।

सनातन धर्म में शक्ति उपासना के लिए नवरात्र का विशेष महत्व होता है। नवरात्र के नौ दिनों में मां के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। साल में चार नवरात्र का पर्व मनाया जाता है, जिसमें चैत्र और शारदीय नवरात्र प्रत्यक्ष होती है। इसके अलावा दो गुप्त नवरात्र होती है, एक आषाढ़ और दूसरी माघ माह में पड़ती है। तंत्र मंत्र की साधना करने वालों के लिए गुप्त नवरात्र बहुत महत्वपूर्ण होती है।

पंचांग के अनुसार आषाढ़ की गुप्त नवरात्र गुरुवार 26 जून से शुरू हुई है, इसका समापन महानवमी पर शुक्रवार 4 जुलाई को होगा।मुंबा देवी मंदिर में नवचंडी यज्ञआषाढ़ी गुप्त नवरात्रि पर मुंबादेवी मंदिर परिसर में नौ दिवसीय अनुष्ठान, श्री नवचंडी यज्ञ का आयोजन किया गया है। सुबह अखंड दीप स्थापना किया गया। सोमवार 30 जून को पंचमी पर सुबह 9 बजे दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा।

गुरुवार 3 जुलाई को अष्टमी पूजन एवं शुक्रवार 4 जुलाई को सुबह 10 बजे से हवन की पूर्णाहुति की जाएगी। मंदिर के प्रबंधक हेमंत जाधव ने बताया कि रविवार 6 जुलाई को देवशयनी एकादशी पर आषाढ़ी एकादशी मनाई जाएगी।

10 जुलाई को आषाढ़ी पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा) पर सुबह 7 बजे मासिक नवचंडी यज्ञ किया जाएगा। महालक्ष्मी मंदिर में बढ़ी भक्तों की भीड़मुंबई की कोषाध्यक्ष के रूप में पूजित महालक्ष्मी मंदिर में भी आषाढ़ी गुप्त नवरात्रि पर पहले दिन दैनिक श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी देखने को मिली। हालांकि यहां आषाढ़ी गुप्त नवरात्रि के निमित्त कोई विशेष तैयारी नहीं की गई है फिर भी भक्तों की भीड़ नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा रक्षक तैनात किए गए हैं।

मंदिर के प्रबंधक नितिन कांबली के अनुसार भक्तों को आसानी से दर्शन उपलब्ध कराने के उपाए किए गए हैं। जीवदानी माता मंदिर में उमड़ी आस्थाआषाढ़ी गुप्त नवरात्रि के पहले दिन गुरुवार को विरार पूर्व की पहाड़ी पर विराजमान जीवदानी माता मंदिर में सुबह से भक्तों की लंबी कतार लगनी शुरु हो गई थी। कभी इस शहर का नाम एकवीरा था, इसलिए इस मंदिर को भी एकविरा देवी के नाम से जाना जाता था, वर्तमान में जीवदानी माता के नाम से भक्तों का कल्याण कर रही हैं।

मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रदीप तेंदुलकर ने बताया कि सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा रक्षक, मेटल डिटेक्टर, हैंड डिटेक्टर, वॉकी टॉकी आदि उपलब्ध कराया गया है। माता के विभिन्न रूपों की उपासनागुप्त नवरात्र में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इसमें देवी काली, तारा, ललिता, मां भुवनेश्वरी, त्रिपुर भैरवी, छिन्नमस्तिका, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मातंगी और देवी कमला के शक्तियों की पूजा की जाती है।

गुप्त नवरात्र में दस महाविद्याओं की पूजा को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसमें ब्रह्मांड और उसके भीतर छिपे रहस्य शामिल होते हैं। महाविद्या सभी जीवित प्राणियों का पालन करती है। इन दस महाविद्याओं को तांत्रिक साधना में बहुत शक्तिशाली माना गया है।

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