डाॅ धीरज फूलमती सिंह/स्तंभकार/मुंबई वार्ता

क्या ईश्वर है ? इस विषय पर अभी हाल में जावेद अख़्तर और मुफ्ती नावेद की बहस लल्नटाप पर टेलीकास्ट हुई थी। नास्तिक और आस्तिक दोनो ही खेमे के लोग अपनी बुद्धि विवेक के अनुसार इसे अपनी जीत बता रहे है।…जबकि जीता कोई नही। हाँ तार्किक रूप से जावेद अख़्तर ने बाजी मारी पर लकीर के फकीरी में मुफ्ती साहब आगे रहे!मैं इतना जानता हूँ कि चाहे नास्तिक हो या आस्तिक दोनो की चर्चा व विश्वास के केंद्र में ईश्वर ही होता है।


“ईश्वर है या नही,” मैं कोई ठोस दावा नही कर सकता पर बिना ईश्वर भाव के नास्तिक और आस्तिक दोनो का कोई अस्तित्व नही है।….मैं बस इतना जानता हूँ।अभी हाल में जुटाये गये आकडों के अनुसार साल 2004 में दुनिया में नास्तिकों की संख्या 2.4% थी और आज लगभग 20 साल बाद यह 25% के आसपास है। बीस साल में नास्तिकों की संख्या 10 गुने से भी ज्यादा बढ गई है।इस्लाम धर्म में दबे छुपे नास्तिकों का अंदाजन डेटा जोड कर देखे तो यह 35% से भी अधिक हो सकता है। मैं यह बात इसलिए कह रहा हूँ कि एक सर्वे के मुताबिक अमेरीका की कुल मुस्लिम आबादी में से 23% नास्तिक है। इरान 42% और इराक 16%, पाकिस्तान 7% तो खाडी देशो की कुल मुस्लिम संख्या का 5% नास्तिक है पर कठोर धार्मिक नियमों की वजह से खुल कर स्वीकार नही कर पाते है।
कहने को यह जरूर कहा जाता है कि इस्लाम धर्म तेजी से बढता धर्म है लेकिन सच्चाई यह है कि इस बढोतरी में इस्लाम धर्म का कोई योगदान नही है,इस में मूल योगदान हर धर्म से नास्तिक लोगों की बढती संख्या का है।दुनिया में इस्लाम धर्म सहीत हर शिक्षित धार्मिक व्यक्ती नास्तिकता की ओर बढ रहा है। इस लिए धार्मिक लोगो की संख्या कम हो रही है जिसका उपरी तौर पर जनसांखिकी लाभ इस्लाम धर्म को हो रहा है वर्ना इस्लाम और ईसाईयत ही वो शीर्ष धर्म है जहां से नास्तिकतावाद का फैलाव सबसे अधिक हो रहा है।आज दुनियाभर में 200 करोड लोग नास्तिक है। इनमें से अधिकांश पहले ईसाई और मुस्लिम थे और यह आकडा सिर्फ पिछले 20 साल में बढा है। आने वाले 50 साल का अंदाजा लगाये,नास्तिक लोगो की कितनी संख्या हो सकती है ?
साल 2075 तक दुनिया में सबसे ज्यादा संख्या नास्तिकों की होगी। यह वही साल है,जब दुनिया की बढती जनसंख्या एकदम से रूक सी जाएगी।जनसँख्या बढोतरी रूकने का मुल कारण होगा। शिक्षित लोग,स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास और सामाजिक जागरूकता! साल 2075 से दुनिया की जनसंख्या घटनी शुरू हो जाएगी। अभी फिलहाल कम जन्मदर की वजह से जापान के साथ यूरोप के कुछ देशो की जनसंख्या घट रही है। यूरोप की जनसंख्या विकास दर लगभग स्थिर हो गई है।पढाई,नौकरी,रोजगार की वजह से बाहरी लोगो के आने को नजरअंदाज करे तो अमेरीका-कॅनाडा की जनसंख्या भी स्थिर ही है। धर्म गुरू या धार्मिक ठेकेदार चाहे कुछ भी बकवास करें पर दिन पर दिन घटती जन्मदर के साथ भारत,पाकिस्तान और बांग्लादेश भी साल 2070 तक आबादी स्थिर कर लेगे।
मैं भले ही एक धार्मिक व्यक्ती हूँ लेकिन मैं यह जानता हूँ कि आने वाले वक्त में नास्तिक लोगो की आबादी बढेगी। जैसे-जैसे विज्ञान मजबूत होगा, वैसे-वैसे धार्मिकता कमजोर होगी।जो कहते है कि ईश्वर है। अपनी बात साबित करने के लिए सबूत उनके पास नही है और जो कहते है,ईश्वर नही है,पर सबूत तो उनके पास भी नही है। सभी बस शब्दो की जुगाली भर करते है,जिसे हम सामान्य भाषा में तर्क कहते है।…..So just chill.
मैं यह भी जानता हूँ कि नास्तिक लोग,धार्मिक लोगो के मुक़ाबले जल्दी डिप्रेशन का शिकार हो जाते है पर यह भी मानता हूँ कि धर्मों में पाप कर्म दोष के बाद भी धार्मिक लोग ज्यादातर अपराधी होते है। लूट, खसोट,भष्टाचार,बलात्कार, हत्या में अधिकांश धार्मिक लोग ही संलिप्त होते है! एक धार्मिक व्यक्ति और समाज बहुत खतरनाक हो सकते है।ईश्वर की सत्ता स्वीकार करने बाद भी व्यक्ती में अन्याय,अत्याचार और अपराध की प्रवृति व गुण विद्यमान है तो नास्तिक होना बेहतर है। कम से कम ईश्वर तो दोषी नही होगा,ईश्वर तो गाली नही खाएगा!


