राजन बलसाने/ मुंबई वार्ता

उल्हासनगर में स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य पर शिव मंदिर पवई क्षेत्र में मेले में आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में अर्पित किए गए गीले एवं सूखे कचरे का वर्गीकरण किया गया।
मेले में उत्पन्न कचरे को वार्ड के स्वच्छता निरीक्षक रविंद्र बहनवाल एवं उनकी टीम द्वारा वर्गीकृत किया गया. उल्हासनगर स्वच्छ भारत अभियान शिव मंदिर के अंतर्गत शून्य अपशिष्ट प्रणाली अभियान का आयोजन आयुक्त एवं प्रशासक श्रीमती मनीषा अव्हाले, अतिरिक्त आयुक्त डॉ. किशोर गवस साहेब, सहायक आयुक्त श्रीमती मयूरी कदम, सभी स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा किया गया था।
सहायक सार्वजनिक आरोग्य अधिकारी मनीष हिवारे, मुख्य बाजार निरीक्षक विनोद केने, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक एकनाथ पवार के मार्गदर्शन में वार्ड क्रमांक 10, शिव मंदिर पवई उल्हासनगर 03 में महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में शिव मंदिर पवई क्षेत्र में मेले में आने वाले श्रद्धालुओ द्वारा मंदिर में अर्पित किए गए गीले एवं सूखे कचरे का वर्गीकरण किया गया।
मेले में उत्पन्न सूखे कचरे को वृक्ष फाउंडेशन द्वारा कचरा संग्राहकों के माध्यम से छांटकर पुनः उपयोग में लाया गया। कचरे को महाशिवरात्रि पर्व में डंप करने के बजाय वार्ड में स्थित खाद परियोजना केंद्र बोट क्लब में उसका निपटान किया गया।
स्वयंसेवी संस्था हीराली फाउंडेशन की श्रीमती सरिता खानचंदानी मॅडम और वृक्ष फाउंडेशन की श्रीमती ज्योति तायड़े मॅडम ने शहर के नागरिकों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने, घर पर ही खाद बनाने, एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग न करने, कपड़े और कागज के थैलों का उपयोग करने तथा अपने आसपास के वातावरण को साफ रखने के बारे में जागरूक किया।


