मुंबई वार्ता संवाददाता

एपस्टीन फाइल मामले को लेकर महाराष्ट्र में सियासी माहौल गरमा गया है। इसी मुद्दे पर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी और वंचित बहुजन आघाड़ी ने संयुक्त रूप से नागपुर में बड़ा मोर्चा निकालने का ऐलान किया है। यह मोर्चा सोमवार, 23 मार्च को निकाला जाएगा।


जानकारी के अनुसार, यह प्रदर्शन नागपुर के संविधान चौक से शुरू होकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय तक जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।इस मोर्चे का नेतृत्व हर्षवर्धन सपकाळ और प्रकाश आंबेडकर करेंगे। दोनों नेताओं के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता नागपुर में एकत्र होकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर सवाल उठाएंगे।


कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाड़ी का आरोप है कि अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी एपस्टीन फाइल में नरेंद्र मोदी का नाम सामने आया है। साथ ही, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम भी कई बार आने का दावा किया गया है।प्रदर्शन के आयोजकों का कहना है कि इस मामले को लेकर देश की छवि पर असर पड़ा है और केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए। इसके अलावा, अमेरिका के साथ हुए व्यापारिक समझौतों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए गए हैं, जिनसे किसानों और कृषि क्षेत्र को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
आयोजकों ने यह भी कहा कि भाजपा की मातृसंस्था मानी जाने वाली आरएसएस को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए और प्रधानमंत्री को पद पर बनाए रखने के फैसले पर जवाब देना चाहिए।इस मोर्चे को लेकर नागपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने की संभावना है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती हो सकता है।


