मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की ओर से अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग में ‘औषध निरीक्षक, ग्रुप-बी’ के 154 पदों के लिए आयोजित छंटनी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच दल ने 24 सितंबर 2026 को अवैध तरीके से प्रश्नपत्र हासिल करने वाले दो अभ्यर्थियों और दो बिचौलियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई है।


■ 24 सितंबर को चार गिरफ्तार
विशेष जांच दल ने गोपनीय और तकनीकी जांच के आधार पर 24 सितंबर को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें सांगली से अभ्यर्थी साजिद संदे, बुलढाणा से अभ्यर्थी विजय किंगर तथा नवी मुंबई से दो बिचौलियों संदीप खलाटे और भैरवनाथ कदम को गिरफ्तार किया गया है।


■ 22 मार्च को हुई थी परीक्षा
एमपीएससी की ओर से औषध निरीक्षक पद के लिए छंटनी परीक्षा 22 मार्च 2026 को महाराष्ट्र के छह परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। जांच में सामने आया कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता भंग करते हुए प्रश्नपत्रों की अनधिकृत तरीके से लेन-देन की गई। आरोप है कि सरकारी दायित्व का दुरुपयोग कर आर्थिक लाभ के लिए प्रश्नपत्रों को गैरकानूनी तरीके से बाहर निकाला गया।
इस मामले में संपत्ति कक्ष के प्रभारी पुलिस निरीक्षक मंगेश देसाई की शिकायत पर 25 अगस्त 2026 को कफ परेड पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया। अपराध क्रमांक 0195/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
■ पहले सात आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
जांच के दौरान एमपीएससी के गोपनीय कक्ष से आर्थिक लाभ के लिए प्रश्नपत्रों की प्रतियां कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से बाहर निकालने के मामले में इससे पहले सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें अभिजीत लेंडवे (अवर सचिव, एमपीएससी), विश्वेश्वर नकाते (सहायक कक्ष अधिकारी, गोपनीय कक्ष), गोपाल मराठे (सहायक कक्ष अधिकारी), प्रविण पाटील (संचालक, कौटिल्य अकादमी), अमृत पाटील (बिचौलिया), लोकेश उर्फ गौरव पाटील (बिचौलिया) और ऋतुजा पाटील (अभ्यर्थी) शामिल हैं।
इस तरह 24 सितंबर को हुई चार नई गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले की आगे की जांच मुंबई अपराध शाखा की एसआईटी कर रही है।
यह कार्रवाई मुंबई के पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय और पुलिस उपायुक्त (प्रकटीकरण) राज तिलक रौशन के मार्गदर्शन में की गई। सहायक पुलिस आयुक्त सदानंद राणे तथा प्रभारी पुलिस निरीक्षक मंगेश देसाई के नेतृत्व में संपत्ति कक्ष की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।


