ओसी विहीन इमारतों की कठिनाइयां सुलझाने हेतु पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी के मार्गदर्शन में गठित की गई “अभ्यास कमिटी”।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

भारतीय जनता पार्टी मुंबई के नवनियुक्त अध्यक्ष अमित साटम ने मुंबई शहर की सैकड़ों इमारतों की ओसी ना होने के कारण इससे होने वाली फ़्लैट धारक नागरिकों की तकलीफ को संज्ञान में लेते हुए उत्तर मुंबई के पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी के नेतृत्व-मार्गदर्शन में एक चार सदस्यीय अध्ययन (अभ्यास) कमिटी नियुक्त की है । इस कमिटी में एड. अमित मेहता,एड. विवेकानंद गुप्ता, एड. जयप्रकाश मिश्रा तथा एड. सिद्धार्थ शर्मा जैसे दिग्गज और अत्यंत अनुभवी वकीलों का नाम शामिल है।

यह कमिटी मुम्बई की बिना ओसी वाली इमारतों की न सिर्फ जानकारी जुटाएगी बल्कि वहां के नागरिकों को होने वाली अड़चनों और नियम तथा क़ानून के हवाले से अधिकारी वर्ग द्वारा उन्हें दी जा रही परेशानियों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुम्बई भाजपा अध्यक्ष को सौंपेगी ताकि इस विषय का संतोषप्रद व ठोस समाधान निकालने की पहल की जा सके। बता दें कि ओसी न होने के कारण फ्लैट तक खाली करवाने के प्रयास का मुद्दा तब गरमाया जब ताड़देव की 34 मंजिला इमारत विलिंग्डन सोसाइटी के 17 से 34 मंजिल तक की ओसी न होने के चलते फ्लैट धारकों को उनकी मेहनत की कमाई से लिया हुआ अपना फ्लैट तक खाली करने की नौबत आ गई। जब उन फ्लैट धारकों को कोई राह नहीं सूझी तो न्याय की आस में जन हित के लिए हर प्रकार के संघर्ष के लिए विख्यात उत्तर मुम्बई के पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी से मिलकर उन सैकड़ों लोगों ने अपना दुखड़ा बयान किया।

मामले की गंभीरता और उन फ्लैट धारकों की तकलीफ देखते हुए जनसेवक गोपाल शेट्टी ने यह मामला अपने हाथ में ले लिया और इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाकर फ्लैट धारकों के सिर पर की छत बचाने के लिए वे तुरंत ‘एक्शन मोड’ में आ गए। इसके बाद बीएमसी कमिश्नर से लेकर फायर ब्रिगेड मुख्यालय तक विलिंग्डन के निवासियों की छत बचाने के लिये हर सम्भव प्रयास करने तथा पत्राचार व बैठकों के दौर से लेकर मुख्य फायर ब्रिगेड अधिकारी के कार्यालय के समक्ष धरना – प्रदर्शन तक में वे शामिल हुए। इस सोसाइटी के लोगों को न्याय दिलाने में पालक मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा से लेकर महाराष्ट्र के यशस्वी मुख्यमंत्री देवेंद्र जी फड़वणीस तक का पूर्ण सहयोग जनसेवक गोपाल शेट्टी को मिलता रहा।

जनसेवक गोपाल शेट्टी ने आंदोलन के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा भी था कि उनका संघर्ष विलिंग्डन सोसायटी के लोगों के लिए तो है ही, पर बात सिर्फ विलिंग्डन की ही नहीं है, मुम्बई में ऐसी हजारों इमारतें हैं जिनके पास ओसी नहीं है। अगर विलिंग्डन के लिए इस संघर्ष को तेज नहीं किया गया तो कल इन्हीं लचीले नियम-कानूनों की आड़ लेकर अधिकारी गण अन्य हजारों इमारतों पर भी वक्र दृष्टी डाल सकते हैं और तब शांत पड़े मुम्बई शहर में बड़ा तूफ़ान आ सकता है। जनसेवक गोपाल शेट्टी के संघर्ष, तर्क और सुझाव को भारतीय जनता पार्टी-मुंबई के वरिष्ठ नेताओं ने संज्ञान में लिया और फिर इस मामले का पूर्ण हल निकालने के प्रयास के रूप में यह शुरुआत हुई, जब मुम्बई भाजपा के तेजतर्रार अध्यक्ष अमित साटम ने एक कमिटी गठित कर दी, ताकि इस ओसी प्रकरण के लिए भविष्य में उचित और सकारात्मक परिणाम वाली ठोस योजना बनाई जा सके और बिना ओसी वाली इमारतों को आसानी से ओसी दिलाने के साथ-साथ भविष्य में बनने वाली इमारतों के लिए ओसी मिलने के कार्य में हो रही जटिलताओं को पूरी तरह से दूर किया जा सके।

जनसेवक गोपाल शेट्टी ने इस अध्ययन (अभ्यास) कमिटी के गठन के निर्णय का स्वागत करते हुए विश्वास प्रकट किया है कि कमिटी द्वारा अहवाल प्रस्तुत करते ही संभवत: महाराष्ट्र के यशस्वी मुख्यमंत्री देवेंद्र जी फड़वणीस एमनेस्टी स्कीम की भी घोषणा करेंगे और पुरानी ओसी विहीन इमारतों को ओसी देने की जटिल प्रक्रिया को शिथिल और सहयोग पूर्ण करवाने के लिए संबंधित विभागों को उचित आदेश देंगे।

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