■ सनातनियों के साथ मुंबई में भी पदयात्रा का संकल्प.
मुंबई वार्ता संवाददाता

‘अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद अब काशी, मथुरा और वृंदावन की बारी है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर ही कान्हा का मंदिर बनाया जाएगा और माखन-मिश्री भी वहीं खाई जाएगी।’ यह बात बागेश्वर धाम वाले महाराज के नाम से प्रसिद्ध धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यश भारत से बातचीत में कहीं। शास्त्री अंधेरी-पूर्व के शेर-ए-पंजाब परिसर में आयोजित तीन दिवसीय रामकथा के लिए मुंबई पहुंचे हैं। उनके दर्शन व उनसे कथा श्रवण के लिए हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं। यहां कथा 21 दिसंबर तक प्रतिदिन होगी।


धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोलकाता में हाल ही में बाबरी मस्जिद की नींव रखी गई। इसके अगले ही दिन कोलकाता ग्राउंड में ‘लाख हनुमान चालीसा’ का पाठ हुआ, जिसमें लाखों रामभक्त उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह मस्जिद निर्माण का सिलसिला चलता रहा तो भारत में सनातनी 1992 की पुनरावृत्ति के लिए फिर से तैयार हो सकते हैं।
पाकिस्तान पर भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए हमलों को लेकर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शास्त्री ने कहा कि ऐसे वक्तव्यों से सैन्य वातावरण प्रभावित होता है और मनोबल टूटता है। ऐसे बयानों से देशविरोधी तत्वों को लाभ मिलता है। इसलिए किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार का बयान नहीं देना चाहिए। उन्होंने ऐसे वक्तव्यों को देशहित के विरुद्ध बताया।


उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र, विशेषकर मुंबई में सनातन धर्म के प्रचार और जनजागरण के उद्देश्य से वे शीघ्र ही पदयात्रा करेंगे। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यह भी कहा कि देश में वे सभी लोग रह सकते हैं जो हिंदू राष्ट्र की भावना को स्वीकार करते हैं। चाहे वे हिंदू हों, मुस्लिम हों या ईसाई, पर राष्ट्रभावना को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के लिए आवश्यकता पड़े तो प्राणों का उत्सर्ग भी किया जा सकता है।


