मुंबई वार्ता/सतीश सोनी


ओबीसी समुदाय के किसी भी आरक्षण को कम करने और मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाने में मराठा समुदाय की भी कोई भूमिका नहीं है। मराठा समुदाय के लिए जो कुछ भी किया जा सकता था, वह किया गया है। सरकार की भूमिका अभी भी मराठा समुदाय के लिए जो सही और कानून के दायरे में है, उसे प्रदान करना है। भविष्य में सरकार को जो सुझाव दिए जाएँगे, उन पर विचार किया जाएगा। यह बोलते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि अगर कोई माँग सही, कानूनी और नियमों के भीतर है, तो सरकार उसके प्रति सकारात्मक है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को ठाणे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उस समय शिंदे बोल रहे थे। उन्होंने घोषणा की कि मैंने मराठा समुदाय को १० प्रतिशत आरक्षण दिया है। आज भी मराठा समुदाय को १० प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है। कुनबी पंजीकरण खोजने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश शिंदे की एक समिति बनाई गई थी। यह समिति अभी भी काम कर रही है। लाखों कुनबी अभिलेख मिले। ‘सारथी’ के माध्यम से विभिन्न गतिविधियाँ शुरू की गईं। इसका लाभ मराठा समुदाय को भी मिल रहा है।


शिंदे ने स्पष्ट किया कि अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम के माध्यम से हज़ारों युवाओं को रोज़गार के लिए ब्याज मुक्त ऋण मिल रहा है।ओबीसी समुदाय के लिए आरक्षण कम करने और मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाने में मराठा समुदाय की भी कोई भूमिका नहीं है। मराठा समुदाय के लिए जो कुछ भी किया जा सकता था, वह किया गया है। मराठा समुदाय को जो सही है और कानून के दायरे में है, उसे देने की भूमिका आज भी वही है।
उन्होंने कहा कि यह आरक्षण केवल इसलिए दिया गया क्योंकि मराठा समुदाय आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में पिछड़ा हुआ है। भविष्य में सरकार को जो सुझाव दिए जाएँगे, उन सुझावों पर विचार किया जाएगा। ऐसी माँगें होंगी जो सही, कानूनी और नियमों के अनुसार हों। सरकार इस बारे में सकारात्मक है।


