● एटीएस की कार्रवाई में गिरोह पकड़ा गया
सतीश सोनी/मुंबई वार्ता

धार्मिक भावनाओं का गलत इस्तेमाल कर पैसा कमाने वाले एक बड़े गिरोह के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। नागपुर में कुछ लोगों ने धार्मिक संस्थाओं के नाम पर नकली क्यूआर (QR) कोड बनाए और मंदिरों, मस्जिदों जैसी धार्मिक जगहों पर लगा दिए। इन क्यूआर कोड को स्कैन कर लोग दान करते थे, लेकिन वह पैसा सीधे इन आरोपियों के खातों में चला जाता था — न कि किसी असली संस्था या जरूरतमंदों तक।


पुलिस निरीक्षक आडे(कपिल नगर, पुलिस स्टेशन) ने बताया कि एटीएस की शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है. उनके नाम मोहम्मद एजाज, अहमद शाह नूरी, मोहम्मद अब्दुल हमान, ताहिर मोहम्मद बताए जा रहे है.ये लोग मिलकर एक संगठित रैकेट चला रहे थे। उन्होंने अलग-अलग धार्मिक संस्थाओं के नाम पर नकली क्यूआर कोड तैयार किए थे और उन्हें धार्मिक स्थलों पर चिपकाया जाता था ताकि आम लोग बिना जांच किए दान कर दें।
एटीएस ( दहशदवाद विरोधी पथक) को इस फंड का उपयोग संदिग्ध गतिविधियों में होने का शक है जिसकी जांचं पुलिस और एटीएस की टीम कर रही है।
ATS (Anti-Terrorism Squad) को शक है कि इस घोटाले से एकत्र किया गया पैसा किसी और ही मकसद के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। मुमकिन है कि इसे हवाला ट्रांजैक्शन में इस्तेमाल किया गया हो।इनके द्वारा लगाए गए QR कोड के जरिए लगभग 68 लाख रुपये इन्होने अलग अलग निजी बँक खाते मे जमा कराए थे.
देशविरोधी गतिविधियों या संदिग्ध संगठनों को फंडिंग के लिए उपयोग किया गया हो।इसलिए पुलिस ने केवल धोखाधड़ी के आधार पर ही नहीं, बल्कि अन्य गंभीर आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया है। आगे की जांचं एटीएस और पुलीस की टीम कर रही है।


