मुंबई वार्ता संवाददाता

गणेशोत्सव के अंतिम दिन शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर मुंबई में श्रद्धा और उत्साह के बीच गणपति बप्पा को विदाई दी गई। शहर भर में निकली विसर्जन शोभायात्राओं के दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों और ढोल-ताशों की गूंज सुनाई दी। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार, रात 9 बजे तक मुंबई में 16,154 गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।


विसर्जित प्रतिमाओं में 772 सार्वजनिक गणेश मंडलों की प्रतिमाएं, 14,864 घरेलू गणपति प्रतिमाएं और गौरी-हरतालिका की 518 प्रतिमाएं शामिल थीं। सुबह से ही विभिन्न गणेश मंडलों ने पूजा और आरती के बाद विसर्जन जुलूस निकाले। श्रद्धालु ढोल-ताशों की थाप पर नाचते और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे लगाते हुए विसर्जन स्थलों की ओर बढ़े।


लालबाग-परेल इलाके में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। महिलाओं और बच्चों समेत हजारों लोगों ने प्रमुख गणेश मंडलों की शोभायात्राएं देखीं। जुलूसों के दौरान फूलों की वर्षा और गुलाल से माहौल भक्तिमय और उत्सवपूर्ण बना रहा। लालबागचा राजा और चिंचपोकलीचा चिंतामणि जैसे प्रमुख गणपति मंडलों की विसर्जन यात्रा भी शहर के प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ी।
विसर्जन के लिए मुंबई में बीएमसी ने व्यापक इंतजाम किए थे। शहर में प्राकृतिक विसर्जन स्थलों के साथ कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की गई थी। पुलिस और मनपा के हजारों कर्मचारी सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, स्वच्छता और आपात सेवाओं में तैनात रहे। अंतिम दिन 24 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और करीब 25 हजार मनपा कर्मचारी व्यवस्था संभाल रहे थे।
बीएमसी ने श्रद्धालुओं से निर्धारित विसर्जन स्थलों का इस्तेमाल करने और पुलिस तथा मनपा कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की थी। समुद्र में विसर्जन के दौरान ब्लू-बटन जेलीफिश और स्टिंगरे की मौजूदगी को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई।
अनंत चतुर्दशी के साथ 12 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन हुआ और मुंबई ने भावुक माहौल में अपने आराध्य गणपति बप्पा को विदाई दी।


