गन्ना और प्याज उत्पादक किसानों के मुद्दों पर केंद्र सरकार गंभीर, जल्द होंगे बड़े फैसले: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र के गन्ना और प्याज उत्पादक किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर केंद्रीय सहकार मंत्री Amit Shah के साथ हुई विस्तृत और सकारात्मक बैठक के बाद मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रही है।
नई दिल्ली में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के चीनी उद्योग, गन्ना उत्पादक किसानों तथा प्याज किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan और केंद्रीय उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री Pralhad Joshi भी उपस्थित रहे।


बैठक में उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटील, मंत्री गिरीष महाजन, अन्न एवं नागरी आपूर्ति मंत्री छगन भुजबळ, सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील, कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे, पणन मंत्री जयकुमार रावल, शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे, सार्वजनिक बांधकाम मंत्री शिवेंद्र सिंह भोसले सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक और सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि मौजूद थे।


मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि केंद्र सरकार ने चीनी की न्यूनतम आधारभूत कीमत बढ़ाने की आवश्यकता को स्वीकार किया है। इसके साथ ही इथेनॉल उत्पादन का कोटा बढ़ाने पर अगले दो महीनों में निर्णय लेने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के कर्ज पुनर्गठन के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगी तथा ब्याज सब्सिडी की राशि भी तत्काल जारी करने पर सहमति बनी है।


उन्होंने बताया कि “क्वेल प्राइजिंग” यानी मूल्य नियंत्रण से संबंधित प्रस्ताव केंद्र सरकार ने राज्य से मांगा है और राज्य सरकार जल्द ही इसे सौंपेगी। इससे चीनी उद्योग की कई आर्थिक समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है।
प्याज किसानों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि नाफेड और एनसीसीएफ द्वारा प्याज की खरीद सीधे व्यापारियों से करने के बजाय किसानों से सीधे खरीदने की मांग स्वीकार कर ली गई है। वर्तमान 2 लाख टन की तुलना में 10 लाख टन प्याज खरीदने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक विचार किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्याज बीजों के बड़े पैमाने पर निर्यात के कारण घरेलू बाजार प्रभावित हो रहा है, इसलिए प्याज बीजों पर भारी “एक्सपोर्ट सरचार्ज” लगाने की मांग भी केंद्र ने स्वीकार की है। साथ ही प्याज का खरीद मूल्य हाल ही में बढ़ाकर 15 रुपये 80 पैसे प्रति किलो किया गया है और इसे आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।


बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्याज निर्यात पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। किसानों की शिकायत थी कि नाफेड और एनसीसीएफ में ग्रेडिंग के नाम पर अच्छे माल को भी खराब बताकर खरीद से मना कर दिया जाता है। इस पर अब मशीनों के माध्यम से ग्रेडिंग करने का निर्णय लिया गया है, जिससे किसानों को पारदर्शी और उचित मूल्य मिल सकेगा।


मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी बताया कि हापुस आम और अन्य आम उत्पादकों की समस्याओं को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों द्वारा लगाई गई कड़ी शर्तों में बदलाव किया जाए तो आम उत्पादकों को बड़ा लाभ मिल सकता है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने बीमा कंपनियों की बैठक बुलाकर उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।

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