मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के गोरेगांव इलाके में आयोजित एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान दो MBA छात्रों की कथित ड्रग ओवरडोज से मौत हो गई, जबकि उनके कुछ सहपाठियों सहित कुल 6 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस घटना ने शहर में नशे के बढ़ते चलन और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


■ क्या है पूरा मामला
यह घटना 11 अप्रैल को गोरेगांव के नेस्को (NESCo) कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक टेक्नो म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान हुई। पुलिस के अनुसार, दक्षिण मुंबई के एक प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल के तीन छात्र इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इनमें से दो छात्रों—एक लखनऊ और दूसरा दिल्ली का निवासी—की ड्रग ओवरडोज के कारण मौत हो गई, जबकि तीसरा छात्र बच गया और मुंबई के एक अस्पताल में उसका इलाज जारी है।


■ कैसे हुई घटना
जांच में सामने आया है कि कुछ छात्रों ने कॉन्सर्ट स्थल पर जाने से पहले ही ड्रग्स ले ली थी और बाद में कार्यक्रम के दौरान भी दूसरी डोज ली। शाम होते-होते तीनों छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें सांस लेने में दिक्कत व बेहोशी की शिकायत हुई।
उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दो छात्रों की मौत हो गई।
■ ड्रग सप्लाई का खुलासा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सिंथेटिक ड्रग ‘एक्स्टेसी’ (Ecstasy) का इस्तेमाल किया गया था। यह ड्रग कल्याण के एक संदिग्ध सप्लायर आनंद पटेल से जुड़ा बताया जा रहा है। पूछताछ में पता चला कि पटेल ने यह ड्रग कार्यक्रम से एक दिन पहले एक छात्र को दी थी, जिसने इसे अन्य छात्रों में बांटा।
■ 6 लोगों की गिरफ्तारी
वनराई पुलिस ने इस मामले में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें:
■ 2 छात्र
इवेंट ऑर्गनाइज़र आकाश सामल
NESCo के कर्मचारी समीर जैन उर्फ सानी और कुरुप बालकृष्ण
कथित ड्रग सप्लायर आनंद पटेल
सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 16 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि कुछ छात्र पहले भी बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए थे, जहां ड्रग्स के सेवन की आशंका जताई गई है।
मृत छात्रों के शवों को रासायनिक विश्लेषण के लिए कलीना फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत का सटीक कारण फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
मुंबई विश्वविद्यालय ने इस घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान, काउंसलिंग और निवारक उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह घटना मुंबई में युवाओं के बीच बढ़ते ड्रग्स के इस्तेमाल और बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है।


