श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने शहर में अवैध फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए 20 भीड़भाड़ वाले स्थानों को चिन्हित किया है, जहां विशेष अभियान चलाकर फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखा जाएगा। इसके साथ ही लाइसेंसधारी फेरीवालों के लिए QR कोड प्रणाली लागू करने की तैयारी भी की गई है।


बीएमसी का उद्देश्य प्रमुख मार्गों और फुटपाथों को पूरी तरह फेरीवालामुक्त रखना है। इसके तहत मुंबई पुलिस के सहयोग से रोजाना दो शिफ्ट में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी—सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक और शाम 3 बजे से रात 11 बजे तक। इन अभियानों की दैनिक रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
जिन 20 स्थानों को चिन्हित किया गया है, वहां भारी पैदल आवाजाही, लगातार अवैध फेरीवालों की मौजूदगी और लाइसेंसधारी विक्रेताओं की कम संख्या पाई गई है। दक्षिण मुंबई में सीएसएमटी से कोर्ट परिसर, चर्चगेट और बॉम्बे हाई कोर्ट के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा दादर, बांद्रा, अंधेरी, मलाड, खार, चेंबूर, मुलुंड चेक नाका और एलबीएस रोड जैसे इलाकों में भी सख्ती बढ़ाई जाएगी।
शहर में वर्तमान में लगभग 12,567 लाइसेंसधारी फेरीवाले हैं, जिनमें पश्चिमी उपनगरों में सबसे अधिक 6,132, द्वीप शहर में 3,633 और पूर्वी उपनगरों में 2,802 फेरीवाले शामिल हैं। वार्ड स्तर पर पी साउथ, पी नॉर्थ और एच वेस्ट में सबसे ज्यादा लाइसेंसधारी फेरीवाले हैं, जबकि एफ नॉर्थ, एफ साउथ और एम ईस्ट में संख्या कम है।
महापौर रीतु तावड़े ने कहा कि शहर में स्पष्ट रूप से ‘हॉकिंग’ और ‘नॉन-हॉकिंग’ जोन बनाए जाएंगे और इसके लिए संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। लाइसेंसधारी फेरीवालों के लिए तय स्थान निर्धारित किए जाएंगे।
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल के अंत तक सभी लाइसेंसधारी फेरीवालों को QR कोड जारी किए जाएंगे, जिससे उनकी पहचान आसान होगी, लाइसेंस के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और निगरानी बेहतर हो सकेगी। इसके अलावा, टाउन वेंडिंग कमेटी की सिफारिशों के आधार पर करीब 22,000 फेरीवालों को अगले एक साल में निर्धारित स्थान आवंटित किए जाने की योजना है।
यह 20 स्थानों की सूची जून 2024 में तत्कालीन नगर आयुक्त भुषण गगरानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय की गई थी, जिसके तहत इन इलाकों को लगातार अतिक्रमण मुक्त रखने के निर्देश दिए गए थे।


