मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों को जोड़ने तथा यातायात का दबाव कम करने के उद्देश्य से बनाए जा रहे गोरेगांव-मुलुंड जोड़ मार्ग परियोजना के तहत बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को बड़ी कार्रवाई की। महानगरपालिका के एस विभाग ने खिंडीपाड़ा-सोनापुर क्षेत्र में परियोजना से प्रभावित होने वाले 180 निर्माणों को हटाया। इस कार्रवाई के बाद एस विभाग की सीमा में गोरेगांव-मुलुंड जोड़ मार्ग का रास्ता लगभग साफ हो गया है।


बीएमसी के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, गोरेगांव-मुलुंड जोड़ मार्ग मुंबई के पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों के बीच संपर्क बेहतर बनाने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। इस मार्ग की कुल लंबाई 12.20 किलोमीटर है। परियोजना का काम चार चरणों में पूरा किया जाना है। इसमें सड़क निर्माण, भूमिगत सुरंग और फ्लाईओवर सहित विभिन्न कार्य शामिल हैं।एस विभाग की सीमा में खिंडीपाड़ा-सोनापुर क्षेत्र के लगभग 180 निर्माण इस परियोजना के निर्माण कार्य में बाधा बन रहे थे। महानगरपालिका ने शुक्रवार को इन सभी निर्माणों को हटाने की कार्रवाई पूरी की। इस अभियान के बाद संबंधित क्षेत्र में सड़क के चौड़ीकरण और परियोजना के अगले चरणों का काम शुरू करने का रास्ता साफ हुआ है।


यह कार्रवाई उप आयुक्त (परिमंडल-6) के मार्गदर्शन तथा एस विभाग के सहायक आयुक्त के नेतृत्व में की गई। अभियान में महानगरपालिका के 30 से अधिक अभियंता और 100 कर्मचारी शामिल हुए। निर्माणों को हटाने के लिए चार पोकलेन मशीनों, चार जेसीबी मशीनों और 10 डंपरों की सहायता ली गई। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 90 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
मलबा हटाने का काम जारीमहानगरपालिका के अनुसार, एस विभाग की सीमा में गोरेगांव-मुलुंड जोड़ मार्ग से प्रभावित होने वाले लगभग सभी निर्माणों को हटाया जा चुका है। अब संबंधित क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और परियोजना के अन्य कार्यों को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी हो गई है, जबकि निर्माणों से निकले मलबे को हटाने का काम जारी है।मलबा हटने के बाद परियोजना के अगले कार्यों के लिए जमीन समय पर उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इससे निर्धारित क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य शुरू करने में सुविधा होगी।
108 पात्र निवासियों का पुनर्वासबीएमसी ने यह भी बताया कि परियोजना से प्रभावित लोगों में से पात्र पाए गए 108 निवासियों का महानगरपालिका की ओर से पुनर्वास किया जा चुका है। परियोजना के रास्ते में आने वाले निर्माणों को हटाने और प्रभावित पात्र निवासियों के पुनर्वास की प्रक्रिया के बाद अब एस विभाग की सीमा में गोरेगांव-मुलुंड जोड़ मार्ग के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए रास्ता लगभग पूरी तरह साफ हो गया है।


