श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई की चांदीवली विधानसभा सीट को लेकर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर उठे विवाद के बीच ने पहली बार निरीक्षण और जांच की अनुमति दी है। यह आदेश 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।


कांग्रेस नेता ने चांदीवली सीट के नतीजों पर सवाल उठाते हुए ईवीएम में कथित छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। हालांकि, अदालत ने भ्रष्ट चुनावी आचरण से जुड़े अन्य आरोपों को खारिज कर दिया। यह आदेश जस्टिस ने दिया।


हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार, 16 और 17 अप्रैल को दो दिनों तक ईवीएम की जांच की जाएगी। राज्य चुनाव आयोग ने इस संबंध में सभी उम्मीदवारों को सूचित कर दिया है। जांच के दौरान केवल “डायग्नोस्टिक परीक्षण” की अनुमति होगी।
ईवीएम की जांच (बीईएल) द्वारा की जाएगी, जो बेंगलुरु स्थित मशीन निर्माता कंपनी है। इस प्रक्रिया में नसीम खान की ओर से नियुक्त विशेषज्ञ और चुनाव अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
गौरतलब है कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में चांदीवली सीट से ने जीत हासिल की थी। उन्हें 1,24,641 वोट मिले थे, जबकि नसीम खान 1,04,016 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
चुनाव के बाद विपक्षी गठबंधन एमवीए ने कई सीटों पर ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए थे। इस फैसले को नसीम खान ने ऐतिहासिक बताया है, क्योंकि भारतीय चुनावी इतिहास में पहली बार अदालत ने इस तरह ईवीएम जांच की अनुमति दी है।


