मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

राज्य सरकार ने दहिसर और भायंदर के बीच बन रही तटीय सड़क के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय से ज़मीन हस्तांतरित करके एक बड़ी बाधा दूर कर दी है। अगले तीन सालों में इस सड़क के पूरा हो जाने पर, तटीय सड़क के ज़रिए नरीमन पॉइंट और मीरा-भायंदर के बीच की दूरी सिर्फ़ आधे घंटे में तय की जा सकेगी।


राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि पिछले चार-पाँच सालों से केंद्रीय कृषि मंत्रालय और राज्य सरकार के बीच लगातार बातचीत चल रही थी, जिसके चलते केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने दहिसर-भायंदर की ६० मीटर लंबी सड़क से ५३.१७ एकड़ ज़मीन राज्य सरकार के ज़रिए मीरा-भायंदर नगर निगम को हस्तांतरित करने की मंज़ूरी दे दी है। इस तरह, दहिसर से भायंदर और आगे वसई-विरार की ओर जाने वाली सड़क की सभी बाधाएँ दूर हो गई हैं।कोस्टल रोड मुंबई नगर निगम से होते हुए उत्तन तक जाएगी, जहाँ से यह ६० मीटर चौड़ी दहिसर-भायंदर सड़क भायंदर के सुभाष चंद्र बोस मैदान तक आएगी और वहाँ से वसई-विरार को इन दोनों शहरों से जोड़ेगी।


इस सड़क के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।यह काम एलएंडटी को सौंपा गया है और यह परियोजना अगले तीन वर्षों में पूरी हो जाएगी। मुंबई नगर निगम को इसके लिए तीन हज़ार करोड़ रुपये का खर्च वहन करना है। चूँकि कोस्टल रोड उत्तन से विरार तक जाने वाली सड़क है, इसलिए कोली समुदाय ने इसका विरोध किया था।हालाँकि, राज्य सरकार द्वारा उनकी माँगें मान लेने के बाद परियोजना आगे बढ़ी।


