मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

स्कूल शिक्षा विभाग पिछले कई वर्षों से राज्य में विज्ञान प्रदर्शनियों का आयोजन करता आ रहा है। अब विज्ञान प्रदर्शनियों का स्वरूप बदलने वाला है। ‘मुख्यमंत्री विज्ञान मेला’ योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है और इस योजना के तहत राज्य के 51 छात्रों को हर साल नासा जाने का अवसर मिलेगा।


विद्यालय स्तर पर छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ाने के लिए राज्य में पिछले कई वर्षों से विज्ञान प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाता रहा है। पहली बार तालुका स्तर पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इसमें चयनित प्रयोगों को जिला स्तरीय प्रदर्शनी में भाग लेने का अवसर मिलता है और जिला स्तर पर चयनित प्रयोगों को राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में प्रस्तुति देने का अवसर मिलता है।अभी तक राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार के लिए केवल ५,००० रुपये, जबकि द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के लिए २,५०० रुपये दिए जाते थे। अब प्रथम पुरस्कार के लिए ५१,००० रुपये दिए जाएँगे।


इसके अतिरिक्त, राज्य स्तर पर भाग लेने वाले कुल छात्रों में से प्रथम ५१ छात्रों को राज्य सरकार द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रीय वैमानिकी एवं अंतरिक्ष प्रशासन (नासा) का दौरा करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।तालुका स्तरीय प्रदर्शनी में भाग लेने वाले पहले २१ छात्रों को निकटतम विज्ञान केंद्र का भ्रमण करने का अवसर मिलेगा। जिला स्तरीय प्रदर्शनी में भाग लेने वाले पहले 51 छात्रों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का भ्रमण करने का अवसर मिलेगा।
५१ छात्रों और चार शिक्षकों सहित ५५ लोगों के नासा भ्रमण का खर्च लगभग ३ करोड़ रुपये आने की उम्मीद है। स्कूल शिक्षा विभाग इसरो और विज्ञान केंद्रों के भ्रमण के खर्च का भी प्रावधान करेगा।


