मुंबई वार्ता संवाददाता

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों सहित एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ रिश्वतखोरी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी रिश्वत की रकम सीधे न लेकर एक पान दुकान के माध्यम से वसूलते थे।आरोपियों में दो पुलिस शिपाई और एक पान की दुकान वाला व्यक्ति शामिल है। इस संबंध में 35 वर्षीय एक व्यवसायी ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी।


शिकायतकर्ता इम्पोर्टेड सिगरेट का व्यापार करता है। उसके अनुसार 16 जनवरी 2026 को दो पुलिसकर्मियों ने उसे फोन करके गोलदेऊल क्षेत्र में बुलाया और बिना लाइसेंस सिगरेट बेचने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की धमकी दी।पुलिसकर्मियों ने ‘गुडलक’ के नाम पर ₹40,000 तथा व्यापार जारी रखने के लिए प्रतिमाह ₹10,000 की रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता ने 19 जनवरी 2026 को एसीबी, मुंबई में शिकायत दर्ज कराई। 22 जनवरी 2026 को कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मी राजेंद्र शिवाजी व्यवहारे ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि पान टपरी वाले के पास देने का निर्देश दिया जबकि पुलिसकर्मी राजेंद्र सर्जेराव आंबीलवाड ने फोन पर यही निर्देश दोहराया। राजसिंह शिवकुमार सिंह ने राशि स्वीकार की, जिसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। इसके तुरंत बाद पुलिसकर्मी व्यवहारे को दिल्ली दरबार पुलिस चौकी क्षेत्र से हिरासत में लिया गया, जबकि दूसरा आरोपी पुलिसकर्मी आंबीलवाड फरार है।
इस कार्रवाई का नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त सुनिल हारुगडे ने किया जबकि पुलिस निरीक्षक एन. बी. थोरात ने पर्यवेक्षक अधिकारी के रूप में मार्गदर्शन किया।


