मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

धारावी स्थित शाहूनगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रेहमत मुल्ला इनायत सय्यद पर अभद्र व्यवहार और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजा है।


सांसद वर्षा गायकवाड़ ने अपने पत्र में कहा है कि भाजपा महायुति सरकार का कामकाज बेहद ढीला है और सत्ताधारी दल के नेताओं की तरह अब पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी दादागिरी पर उतर आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धारावी के जास्मिन मिल रोड इलाके में प्रदूषण, जर्जर सड़कों और बढ़ती ट्रैफिक समस्या से परेशान नागरिकों की शिकायत पर पुलिस ने उचित कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही डराने-धमकाने का काम किया।
पत्र के अनुसार, मोदानी परियोजना से जुड़े निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रहे भारी वाहनों के कारण सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रदूषण और अव्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई तो पहले सड़कों पर पानी का छिड़काव किया गया, जिससे पहले से खराब सड़कें और अधिक कीचड़युक्त व खतरनाक हो गईं।
सांसद का आरोप है कि जब नागरिकों ने निर्माण स्थल पर जाकर नियमों के पालन को लेकर सवाल किए तो वहां मौजूद डीआरपी प्रतिनिधियों ने उन्हें कार्यालय में बुलाकर चर्चा का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में उनके खिलाफ ट्रेसपासिंग और नुकसान पहुंचाने के झूठे मामले दर्ज करने की धमकी दी गई।वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि नागरिकों के फोन आने के बाद वह स्वयं मौके पर पहुंचीं, लेकिन वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रेहमत मुल्ला इनायत सय्यद का व्यवहार अत्यंत उर्मट और दादागिरीपूर्ण था।
उन्होंने इसे एक जनप्रतिनिधि का अपमान बताते हुए सवाल किया कि क्या सवाल पूछना अपराध है?सांसद ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार के व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो।


