मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के नगरसेवकों को मिलने वाली वार्ड विकास निधि बढ़ाने के प्रस्ताव को बीएमसी सदन ने मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के तहत वार्ड विकास निधि को मौजूदा 60 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये प्रति वर्ष करने का निर्णय लिया गया है। इससे निधि में 40 लाख रुपये की बढ़ोतरी होगी, यानी करीब 67 प्रतिशत का इजाफा होगा। हालांकि, यह बढ़ोतरी अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुई है।


यह प्रस्ताव भाजपा नगरसेवकों अश्विनी माटे की ओर से रखा गया था। बीएमसी सदन से मंजूरी मिलने के बाद इसे अब महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे की राय के लिए भेजा जाएगा। आयुक्त की सकारात्मक राय मिलने के बाद प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार के नगर विकास विभाग के पास भेजा जाएगा।


नगरसेवकों को मिलने वाली यह विवेकाधीन वार्ड विकास निधि स्थानीय स्तर पर जरूरी नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसमें सड़क मरम्मत, स्वच्छता व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालय, उद्यानों के रखरखाव और सौंदर्यीकरण सहित अन्य स्थानीय कार्य शामिल हैं।


प्रस्ताव रखने वाली अश्विनी माटे का कहना है कि पिछले 12 वर्षों से नगरसेवकों के लिए 60 लाख रुपये की निधि में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस अवधि में निर्माण सामग्री और मजदूरी की लागत बढ़ी है, जबकि वार्डों में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी मांग भी बढ़ी है। ऐसे में मौजूदा निधि पर्याप्त नहीं रह गई है।
वर्तमान 60 लाख रुपये की निधि में 45 लाख रुपये शौचालय से संबंधित कार्यों के लिए और 15 लाख रुपये अन्य विकास कार्यों के लिए निर्धारित हैं। प्रस्ताव मंजूर होने पर कुल वार्षिक निधि 1 करोड़ रुपये हो जाएगी।
इस प्रस्ताव को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और कांग्रेस सहित विभिन्न दलों के नगरसेवकों का समर्थन मिला है। अब सभी की नजर बीएमसी आयुक्त की राय और उसके बाद राज्य सरकार की अंतिम मंजूरी पर है। मंजूरी मिलने के बाद मुंबई के सभी 227 वार्डों के पार्षदों के लिए वार्ड विकास निधि में बढ़ोतरी लागू हो सकती है।


