मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुंबई ने विशेष सूचना के आधार पर महाराष्ट्र के नागपुर में एक वाणिज्यिक मालवाहक ट्रक को रोककर उसमें छिपाकर रखा गया 500 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इस कार्रवाई में ट्रक चालक, गांजा प्राप्त करने वाले व्यक्ति और उसके एक करीबी सहयोगी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।


एनसीबी के अनुसार, यह ट्रक ओडिशा के संबलपुर से रवाना हुआ था और गांजे की खेप नागपुर स्थित एक प्राप्तकर्ता को सौंपनी थी। इसके बाद गांजे को महाराष्ट्र के जालना और मध्य प्रदेश के इंदौर में आगे वितरित किया जाना था। तस्करों ने जांच एजेंसियों से बचने के लिए सामान्य और छोटे मार्ग के बजाय कई वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया था।


एनसीबी मुंबई ने इस अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क के संबंध में खुफिया जानकारी विकसित की थी। जांच में पश्चिम बंगाल निवासी आर.पी. गोलदार और ए. सरकार के बारे में जानकारी मिली, जो ओडिशा से बड़ी मात्रा में गांजा लाकर नागपुर स्थित प्राप्तकर्ता एस.ए.एस. यूसुफ उर्फ राजाभाई तक पहुंचाने वाले थे।
4 अक्टूबर की सुबह एनसीबी की टीम ने नागपुर में पश्चिम बंगाल नंबर वाले मालवाहक ट्रक की पहचान कर उसे रोका। ट्रक में आर.पी. गोलदार और ए. सरकार सवार थे। सामान की तलाशी लेने पर स्टील पाइपों के बीच बेहद सावधानी से छिपाकर रखा गया 500 किलो गांजा बरामद हुआ। बताया गया कि स्टील पाइपों को कोलकाता से इंदौर पहुंचाने के लिए लादा गया था।
मौके पर पूछताछ और आगे की कार्रवाई के बाद एनसीबी ने जाल बिछाकर नागपुर स्थित गांजा प्राप्तकर्ता एस.ए.एस. यूसुफ उर्फ राजाभाई को भी गिरफ्तार कर लिया।
एनसीबी के मुताबिक, यूसुफ उर्फ राजाभाई पिछले करीब चार-पांच वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था और उसके खिलाफ पुलिस द्वारा पहले भी एनडीपीएस अधिनियम के तहत कुछ मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। मामले की आगे की जांच की जा रही है।
एनसीबी ने बताया कि क्षेत्र में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान के तहत इससे पहले भी कई बड़ी कार्रवाइयां की गई हैं। 11 अप्रैल 2026 को नागपुर में 209.850 किलो गांजा जब्त कर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें नागपुर के दो प्राप्तकर्ता शामिल थे। 22 मई 2026 को गोंदिया जिले में 702 किलो गांजा जब्त किया गया था और दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं 30 जून 2026 को भंडारा जिले में 245 किलो गांजा जब्त किया गया था और नागपुर स्थित प्राप्तकर्ता समेत दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था।
एनसीबी ने कहा कि यह कार्रवाई संगठित मादक पदार्थ तस्करी गिरोहों को ध्वस्त करने और लगातार तस्करी में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के उसके प्रयासों को दर्शाती है। ब्यूरो ने वर्ष 2047 तक ‘नशा मुक्त भारत’ के लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
एनसीबी ने नागरिकों से मादक पदार्थों से जुड़ी किसी भी जानकारी की सूचना मानस (MANAS) राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर देने की अपील की है। ब्यूरो के अनुसार, सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।


