मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त अश्विनी भिड़े ने निर्माण स्थलों और उनसे सटी सड़कों पर धूल नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण स्थलों से होने वाले धूल प्रदूषण को रोकने की जिम्मेदारी संबंधित विकासकों और निर्माण व्यवसायियों की है। नियमों का उल्लंघन करने या लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को मुंबई में पटाखों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों और वायु गुणवत्ता में सुधार के उपायों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में आयुक्त अश्विनी भिड़े ने ये निर्देश दिए।


उन्होंने कहा कि मुंबई महानगरपालिका की ओर से वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी 28 बिंदुओं वाली मार्गदर्शिका का केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन होना चाहिए।बैठक में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्वी उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे, उपायुक्त (आयुक्त कार्यालय) प्रशांत गायकवाड़, उपायुक्त (पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन) अविनाश काटे सहित सभी परिमंडलों के संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


■ पटाखों पर उच्च न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन
आयुक्त अश्विनी भिड़े ने मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा पटाखों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों को लेकर दिए गए निर्देशों का सभी प्रशासनिक वार्डों में सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा। उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध है। इसके अलावा, स्कूलों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों, न्यायालयों और अन्य शांत क्षेत्र घोषित स्थानों पर भी पटाखे फोड़ने की मनाही है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन प्रतिबंधों का उल्लंघन रोकने के लिए वार्ड स्तर पर प्रभावी निगरानी की जाए। साथ ही, पटाखों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के बारे में नागरिकों को जागरूक किया जाए।इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद लेने के साथ ही सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने नागरिकों से प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों के बजाय हरित पटाखों का इस्तेमाल करने की अपील करने को भी कहा।
■ निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के उपाय अनिवार्य
मुंबई में निर्माण कार्यों से होने वाले धूल प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए आयुक्त ने विकासकों और निर्माण व्यवसायियों को आवश्यक प्रतिबंधात्मक उपाय लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थलों और उनसे लगी सड़कों पर धूल फैलने से रोकना संबंधित विकासकों की जिम्मेदारी है।निर्माण परिसर को स्वच्छ रखना, धूल को हवा में फैलने से रोकने के लिए उचित व्यवस्था करना और निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। संबंधित विभागों को निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
■ वायु गुणवत्ता मापन केंद्र और सेंसर बंद मिले तो कार्रवाई
आयुक्त ने मुंबई में वायु गुणवत्ता मापने वाले केंद्रों, सेंसर और उनसे संबंधित अन्य उपकरणों को नियमित रूप से चालू रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी उपकरण के बंद होने या गलत आंकड़े दिखाने की शिकायत सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए ठोस परिणाम सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, आधुनिक उपकरणों और तकनीक की मदद से सड़कों की सफाई करने तथा धूल पर नियंत्रण के लिए विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी 28 बिंदुओं वाली मार्गदर्शिका को प्रभावी ढंग से लागू करना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। इन उपायों की नियमित समीक्षा और निगरानी की जानी चाहिए, ताकि मुंबई में वायु प्रदूषण कम करने और नागरिकों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने के प्रयासों का वास्तविक असर दिखाई दे।


