मुंबई वार्ता संवाददाता

चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और घोटाले का मुद्दा फिलहाल सबसे अहम है। इसी संदर्भ में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता निर्वाचन आयोग के पास गए प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। मतदाता सूची में गड़बड़ी, वोट चोरी जैसे विषय बेहद महत्वपूर्ण हैं। कांग्रेस लगातार इन मुद्दों को उठा रही है। निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। इन्हीं विषयों पर चर्चा करने के लिए यह प्रतिनिधिमंडल गया था। इसलिए किसी शिकायत का प्रश्न ही नहीं उठता, ऐसा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


टिळक भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि 13 अक्टूबर को कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक हुई थी। उसी बैठक में प्रभारी रमेश चेन्नीथला ने यह स्पष्ट किया था कि निर्वाचन आयोग के पास जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस की ओर से कौन-कौन से नेता शामिल होंगे। उसके अनुसार वरिष्ठ नेता एवं कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य बालासाहेब थोरात, विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार और मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष सांसद वर्षा ताई गायकवाड़ शामिल थीं। मेरी दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक तय थी, इसलिए मैं दिल्ली गया था। इस कारण शिकायत का सवाल ही नहीं उठता।


लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी चुनावी घोटालों का सबूतों के साथ पर्दाफाश कर रहे हैं। इसमें महाराष्ट्र के कामठी विधानसभा क्षेत्र और मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में हुए घोटालों का भी खुलासा हुआ है। इस घोटाले की जानकारी कांग्रेस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गट) और शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे गट) को दी है। निर्वाचन आयोग के साथ हुई बैठक में भी बालासाहेब थोरात ने यह जानकारी आयोग को सौंपी है, ऐसा भी सपकाल ने कहा।
राज ठाकरे से संबंधित प्रश्न पर जवाब देते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि निर्वाचन आयोग के पास गया प्रतिनिधिमंडल मतदाता सूची की गड़बड़ियों और पूरी चुनाव प्रक्रिया में मौजूद त्रुटियों को लेकर था। इसमें किसी दल को गठबंधन में शामिल करने का मुद्दा नहीं था। मनसे की ओर से किसी भी तरह का गठबंधन प्रस्ताव अभी तक नहीं आया है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। अगर इंडिया गठबंधन में किसी नए दल को शामिल करना हो, तो इसका निर्णय इंडिया गठबंधन के घटक दल मिलकर करेंगे, ऐसा भी उन्होंने स्पष्ट किया।
शिवसेना सांसद संजय राऊत के संदर्भ में सपकाल ने कहा कि पहले भी उनसे संवाद हुआ है और आगे भी संवाद करने में कोई समस्या नहीं है। मैं उन्हें फोन कर दिवाली की शुभकामनाएं दूंगा, ऐसा भी उन्होंने कहा।‘मनाचे श्लोक’ का नाम बदलकर ‘मन की बात’ रख दीजिए!‘मनाचे श्लोक’ नामक फिल्म को सेंसर बोर्ड से अनुमति मिलने के बावजूद कुछ संगठनों ने आपत्ति लेकर इसका प्रदर्शन रोक दिया।
ये संगठन सेंसर बोर्ड को भी नहीं मानते। इस तरह की गुंडागर्दी कर फिल्म के शो बंद कराना हमारी संस्कृति नहीं है। फिल्म निर्माताओं को अब इस फिल्म का नाम बदलकर ‘मन की बात’ रखना चाहिए, ऐसा तीखा कटाक्ष कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया।


